Category: शिक्षा

  • माप तौल के विभिन्न मात्रक

    माप तौल के विभिन्न मात्रक

    माप तौल के विभिन्न मात्रक निम्नलिखित हैं –

     

     राशि मात्रक (SI)
    प्रतिक
     लम्बाई मीटर m
     द्रव्यमान किलोग्राम kg
     समय सेकंड s
     कार्य तथा उर्जा
    जूल J
    विद्युत् धारा
    एम्पियर A

     

     उष्मागतिक ताप
    केल्विन
    K
     ज्योति तीव्रता
    कैन्डेला cd
     कोण रेडियन rad
     ठोस कोण
    स्टेरेडियन sr
     बल न्यूटन N

     

     राशि मात्रक (SI)
    क्षेत्रफल
    वर्गमीटर
     आयतन घनमीटर
     चाल मीटर पर सेकंड
     कोणीय वेग
    रेडियन पर सेकंड
     आवृति हर्ट्ज

     

     जड़त्व आघूर्ण
     किलोग्राम वर्गमीटर
     संवेग किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड
     आवेग न्यूटन सेकंड
     कोणीय संवेग
    किलोग्राम वर्गमीटर प्रति सेकंड
     दाब पास्कल
     शक्ति वाट

     

     पृष्ठ तनाव
    न्यूटन प्रति मीटर
     श्यानता न्यूटन सेकंड प्रति वर्ग मीटर
     ऊष्मा चालकता
    वाट प्रति मीटर प्रति डीग्री सेंटीग्रेड
     विशिष्ट ऊष्मा
    जूल प्रति किलोग्राम प्रति केल्विन
     विद्युत् आवेश
    कूलाम
     विभवान्तर वोल्ट

     

     विद्युत् प्रतिरोध
     ओम
     विद्युत् धारिता
    फैरड
     प्रेरक हेनरी
     चुम्बकीय फ्लक्स
    बेवर
     ज्योति फ्लक्स
    ल्युमेन
     प्रदीप्ति घनत्व
    लक्स
    तरंगदैर्घ्य
    ऐंग्सट्रूम

     

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  • भारत की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम स्थान

    भारत की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम स्थान

    विभिन्न परीक्षाओं में पूछे जाने वाले भारत की प्रमुख नदियों और उनके उद्गम स्थल की सूचि निम्नलिखित है –

     

     सतलज मानसरोवर झील के समीप स्थित राकस ताल
     सिंधु तिब्बत में मानसरोवर झील के पास सानोख्याबाब हिमनद से
     राबी कांगड़ा जिले में रोहतांग दर्रे के समीप
     व्यास रोहतांग दर्रे के समीप व्यास कुंड से
     झेलम बेरीनाग के समीप शेषनाग झील
     गंगा गंगोत्री के पास गोमुख हिमानी
     यमुना बंदरपूंछ के यमुनोत्री हिमानी
     चम्बल मऊ के समीप स्थित जाना पाव पहाड़ी

     

     रामगंगा नैनीताल के समीप मुख्य हिमालय श्रेणी का दक्षिणी भाग
     शारदा कुमायूं हिमालय का मिलाम हिमनद
     घाघरा नेपाल में म्पसातुंग हिमानी
     गंडक नेपाल
     कोसी गोसाईंथान चोटी के उतर में
     बेतवा कुमरागाँव के समीप विन्ध्याचल पर्वत
     सोन अमरकंटक की पहाड़ियां
     ब्रह्मपुत्र तिब्बत के मानसरोवर के पास स्थित हिमानी

     

     नर्मदा अमरकंटक
     ताप्ती वैतुल के मुलताई के पास
     महानदी छतीसगढ़ के सिहावा के पास
     क्षिप्रा इंदौर की काकरी बरडी पहाड़ी
     माही अमझोरा के मेहद झील
     लूनी अजमेर के नाग पहाड़
     सोम उदयपुर जिले के बिछा मेंडा नामक स्थान पर
     साबरमती अरावली पर्वत पर स्थित जयसमुद्र झील

    और पढ़ें : नदियों के किनारे बसे विश्व के प्रमुख नगर

     

     चम्बल जनापाव पहाड़ी विन्ध्याचल पर्वत
     बनास खामनेर की पहाड़ी
     बाणगंगा बैराठ की पहाड़ी जयपुर
     कृष्णा महाबलेश्वर के समीप पश्चिमी घाट
     गोदावरी नासिक के पास त्र्यंबक गाँव की एक पहाड़ी
     कावेरी कुर्ग के ब्रह्मगिरि पहाड़ी
     तुंगभद्रा प० घाट पहाड़ की गंगामुल चोटी से तुंगा और पास के काडूर से भद्रा
     पेन्नार नंदिदुर्ग पहाड़ी

     

     पेरियार पेरियार झील
     दक्षिणी टोंस
    कैमूर पहाड़ियों के तमसाकुंड जलाशय
     उमियम उमियम झील
     हुगली गंगा की शाखा धुलिया का पास गंगा से अलग
     बैगाई कंडन माणिक्न्युर में मदुरै के समीप

     

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  • नदियों के किनारे बसे भारत के प्रमुख नगर

    नदियों के किनारे बसे भारत के प्रमुख नगर

    नदियों के किनारे बसे भारत के प्रमुख शहरों की सूचि निम्नलिखित है –

     

     नगर नदी
     आगरा यमुना
     बद्रीनाथ अलकनंदा
     प्रयागराज गंगा, यमुना
     दिल्ली यमुना
     फिरोजपुर सतलज
     हरिद्वार गंगा
     कानपुर गंगा

     

     कुर्नुल तुंगभद्रा
     सोकोवा घाट
    ब्रहमपुत्र
     पटना गंगा
     श्रीनगर झेलम
     सूरत ताप्ती
     अयोध्या सरयू
     कोलकाता हुगली
     लखनऊ गोमती

     

     डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र
     गुवाहाटी ब्रह्मपुत्र
     जबलपुर नर्मदा
     कोटा चम्बल
     कटक महानदी
     नासिक गोदावरी
     संबलपुर महानदी
     श्रीरंगपट्टनम
    कावेरी

    और पढ़ें : विश्व के प्रमुख भौगोलिक स्थानों के उपनाम

     

     जौनपुर गोमती
     हैदराबाद मुसी
     मथुरा यमुना
     जमशेदपुर स्वर्णरेखा
     अहमदाबाद साबरमती
     पंढरपुर भीमा
     बरेली रामगंगा
     ओरछा बेतवा

     

     उज्जैन क्षिप्रा
     वाराणसी गंगा
     लुधियाना सतलज
     विजयवाड़ा कृष्णा

     

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  • विश्व के प्रमुख देश और उनके राष्ट्रिय चिह्न

    विश्व के प्रमुख देश और उनके राष्ट्रिय चिह्न

    विश्व के प्रमुख देश और उनके राष्ट्रिय चिह्नों की जानकारी निचे सूचीबद्ध किया गया है –

     

     देश  चिह्न
     भारत अशोक स्तंभ
     डेनमार्क समुद्री तट
     बांग्लादेश वाटर लिली

     

     नीदरलैंडस  शेर
     UK सफ़ेद लिली
     USA गोल्डेन रॉड
     इटली सफ़ेद लिली

     

     ऑस्ट्रेलिया वैटल
     न्यूजीलैंड
    किवी, सदर्न क्रॉस, फर्न
     तुर्की चाँद तारा
     नार्वे शेर

    और पढ़ें : विश्व के प्रमुख भौगोलिक स्थानों के उपनाम

     

     फ्रांस लिली
     ईरान गुलाब का फूल
     स्पेन ईगल
     जापान गुलदाउदी
    कनाडा मैपल लीफ
    रूस डबल हेडेड ईगल

     

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  • भारत के पर्वतीय भ्रमण स्थल नगर और सम्बंधित राज्य

    भारत के पर्वतीय भ्रमण स्थल नगर और सम्बंधित राज्य

    भारत के प्रमुख पर्वतीय भ्रमण स्थल और उससे सम्बंधित राज्यों की सूचि –

     

     पर्वतीय नगर
    राज्य
     गुलमर्ग जम्मू कश्मीर
     शिमला हिमाचल प्रदेश
     दार्जलिंग पश्चिम बंगाल
     लैंसडाउन
    उत्तराखंड
     मसूरी उत्तराखंड
     मुक्तेश्वर उत्तराखंड
     कसौली हिमाचल प्रदेश

     

     गंगटोक सिक्किम
     रानीखेत उत्तराखंड
     मिरिक पश्चिम बंगाल
     कोटलिम तमिलनाडु
     अल्मोड़ा उत्तराखंड
     सोलन हिमाचल प्रदेश
     येरकार्ड
    तमिलनाडु
     कालिम्पोंग पश्चिम बंगाल

     

     ऊँटी तमिलनाडु
     पहलगांव जम्मू कश्मीर
     कोडाईकनाल
    तमिलनाडु
     डलहौजी हिमाचल प्रदेश
     कोटगिरि
    तमिलनाडु
     नैनीताल उत्तराखंड
     कुन्नूर तमिलनाडु
     मनाली हिमाचल प्रदेश

     

     रांची झारखंड
     श्रीनगर जम्मू कश्मीर
     भुवाली उत्तराखंड
     शिलांग मेघालय
     नंदी हिल्स
    कर्नाटक
     महाबालेश्वर उत्तराखंड
     धर्मशाला हिमाचल प्रदेश
     कुल्लू हिमाचल प्रदेश

    और पढ़ें : विश्व की प्रमुख वनस्पति, जनजातियाँ और उनके आवास

     

     पंचगनी महाराष्ट्र
     पंचमढ़ी मध्यप्रदेश
     केमानगुंडी
    कर्नाटक
     मंडी हिमाचल प्रदेश
     खंडाला महाराष्ट्र
     माउंट आबू
    राजस्थान
     मन्नार केरल
     सपुतारा गुजरात

     

     पेरियार केरल
     लोनावाला महाराष्ट्र

     

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  • भारत की प्रमुख जनजातियाँ और उनके क्षेत्र

    भारत की प्रमुख जनजातियाँ और उनके क्षेत्र

    भारतीय संविधान के अनुच्छेद 366 के अनुसार जनजाति से तात्पर्य उन जनजातीय समुदायों के अंशों या समूहों से है जो संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत अनुसूचित जनजातियों के रूप में माने गये हैं! 2011की जनगणना के अनुसार भारत में जनजातियों की जनसँख्या संपूर्ण भारत की जनसँख्या के 8.6% है, जो देश के अलग अलग हिस्सों में रहते हैं!

     

     राज्य प्रमुख जनजातियाँ
     हिमाचल प्रदेश
    गड्डी, कनोरा, लाहौली
    गुजरात भील, बंजारा, कोली, पटेलिया, डाफर, टोड़िया
     जम्मू कश्मीर
    बक्करवाल, गद्दी, लद्दाखी, गुज्जर
     केरल कादर, उराली, मोपला, ईरुला, पनियान
     मध्यप्रदेश भील, लमबाडी, बंजारा, गोंड, अबूझमारिया, मुरिया, बिशनहार्न, गोंड खेरवार, असुर, वैगा, कोल, मुंडा
     महाराष्ट्र बारली, बंजारा, कोली, चितपावन, गोंड, अबुम्फामाडिया
     मणिपुर कुकी, मैटी, नागा, अंगामी

     

     मेघालय गारो, खासी, जयन्तिया, मिकिर
     मिजोरम लाखर, पावो, मिजो, चकमा, लुशाई, कुकी
     नागालैंड नागा, नबुई नागा, अंगामी, मिकिर
     उड़ीसा जुआंग, खरिया, भुइआ, संथाल, हो, कोल, ओरांव, चेंचू, गोंड, सोंड
     राजस्थान मीणा, सहरिया, सांसी, गरासिया, भील, बंजारा, कोली
     सिक्किम लेपचा
     तमिलनाडु बड़गा, टोइकोटा, कोटा, टोडा
     त्रिपुरा रियांग, या त्रिपुरी

    और पढ़ें : विश्व की प्रमुख वनस्पति, जनजातियाँ और उनके आवास

     उत्तराखंड थारू, कोय, मारा, निति, भोट अथवा भोटिया, खास
     पश्चिम बंगाल
    लोघा, भूमिज, संथाल, लेपचा
     असम राभा, दिमारा, कोछारी वोडो, अबोर, आवो, मिकिर, नागा, लुसाई
     आंध्रप्रदेश चेंचुस, कौढस सवारा, गदवा, गोंड
     अरुणाचल प्रदेश
    मोंपा, डबला, सुलुंग, मिश्मी, मिन्योंग, मिरिगेलोंग, अपतनी, मेजी
     झारखंड संथाल, मुंडा, हो, ओरांव, बिरहोर, कोरबा, असुर, भुइया, गोंड, सौरिया, भूमिज
     लक्षद्वीप वासी
     अंडमान निकोबार
    औजें, जारवा, जरना, सेंटलीज, अंडमानी, निकोबारी

     

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  • भारतीय राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों की राजधानी

    भारतीय राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों की राजधानी

    विभिन्न तरह के प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले भारतीय राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों और उनकी राजधानी की जानकारी निचे दिए गए टेबल में आपकी जानकारी के लिए सूचीबद्ध किया गया है –

     

     राज्य राजधानी
     बिहार पटना
     असम दिसपुर
     उड़ीसा भुवनेश्वर
     कर्नाटक बंगलुरु
     गुजरात गांधीनगर
     तमिलनाडु चेन्नई
     नागालैंड कोहिमा

     

     हरियाणा चंडीगढ़
     मध्यप्रदेश भोपाल
     मेघालय शिलांग
     हिमाचल प्रदेश
    शिमला
     मिजोरम आइजॉल
     गोवा पणजी
     छतीसगढ़ रायपुर
     प० बंगाल
    कोलकाता

     

     आन्ध्रप्रदेश
     अमरावती (प्रस्तावित)
     तेलंगाना हैदराबाद
     उत्तरप्रदेश लखनऊ
     केरल तिरुवनंतपुरम
     जम्मू कश्मीर
    श्रीनगर
     त्रिपुरा अगरतल्ला
     पंजाब चंडीगढ़
     मणिपुर इम्फाल

    और पढ़ें : विश्व के प्रमुख देश, राजधानी और मुद्रा

     

     महाराष्ट्र मुंबई
     राजस्थान जयपुर
     सिक्किम गंगटोक
     अरुणाचल प्रदेश
    ईटानगर
     उत्तराखंड देहरादून
     झारखंड रांची

     

    केन्द्रशासित प्रदेश –

     

     दिल्ली नई दिल्ली
     लक्षद्वीप
    कवारत्ती
     दमन और दीव
    दमन
     अंडमान निकोबार द्वीप समूह
    पोर्ट ब्लेयर
     चंडीगढ़ चंडीगढ़
     पुडुचेरी पुडुचेरी
     दादर नगर हवेली
    सिलवासा
     जम्मू कश्मीर
    श्रीनगर
    लद्दाख

     

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  • विश्व में सबसे बड़ा, सबसे छोटा, सबसे लंबा एवं सबसे ऊँचा

    विश्व में सबसे बड़ा, सबसे छोटा, सबसे लंबा एवं सबसे ऊँचा

    विभिन्न तरह के प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले विश्व में सबसे बड़ा, छोटा, लंबा और ऊँचा विषयों, स्थानों, वस्तुओं वगैरह की जानकारी निचे दिए गए टेबल में आपकी जानकारी के लिए सूचीबद्ध किया गया है –

     

     सबसे बड़ा महाद्वीप
    एशिया
     सबसे छोटा महाद्वीप
    ऑस्ट्रेलिया
     सबसे बड़ा महासागर
    प्रशांत महासागर
     सबसे गहरा महासागर
    प्रशांत महासागर
     सबसे बड़ा नगर (क्षेत्रफल)
    लंदन
     सबसे बड़ा देश (क्षेत्रफल)
    रूस
     सबसे छोटा देश (क्षेत्रफल)
    वेटिकेन सिटी

     

     सर्वाधिक जनसँख्या का देश
    चीन
     सर्वाधिक निर्वाचन संख्या का देश
    भारत
     न्यूनतम जनसँख्या घनत्व
    अंटार्कटिक
     सर्वाधिक जनसँख्या घनत्व वाला देश
    सिंगापूर
     सर्वाधिक आबादी वाला नगर
    टोकियो
     सबसे कम आबादी वाला नगर
    वेटिकन सिटी
     सबसे लंबी सीमा वाला देश
    कनाडा

     

     सबसे छोटी सीमा वाला देश
    जिब्राल्टर
     सर्वाधिक सीमाओं वाला देश
    चीन (13 देशों के साथ)
     सबसे बड़ा द्वीप
    ग्रीनलैंड
     सबसे बड़ा प्रायद्वीप
    अरब प्रायद्वीप
     सबसे बड़ा द्वीप समूह
    इंडोनेशिया
     सबसे बड़ा नदी द्वीप
    माजुली
     सबसे बड़ा डेल्टा
    सुंदरवन

     

     सबसे लंबी नदी
    नील नदी
     सबसे बड़ी नदी
    नील नदी
     सबसे बड़ी नदी
    अमेज़न
     सबसे छोटी नदी
    डी नदी
     सबसे बड़ा सागर
    दक्षिणी चीन सागर
     सबसे विशाल उपसागर
    हडसन उपसागर
     सबसे छोटी पक्षी
    हमिंगवर्ड

    और पढ़ें : विश्व के प्रमुख भौगोलिक स्थानों के उपनाम

     

     सबसे लंबी सहायक नदी
    मेडीरा
     सबसे ब्यस्त व्यापारिक नदी
    राइन नदी
     अंतः सागरीय नदी
    क्रोमवेल धारा
     सबसे लंबा मुहाना
    ओब नदी का मुहाना
     सबसे बड़ी नहर
    स्वेज नहर
     सबसे व्यस्त नहर
    कील नहर
     सबसे बड़ी झील
    कैस्पियन सागर

     

     सबसे बड़ी ताजे पाणी की झील
    सुपीरियर झील
     सबसे गहरी झील
    बैकाल झील
     झील के अंदर झील
    मेनिटू
     सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित झील
    टिटिकाका
     सबसे बड़ा लैगून
    लैगोआ डॉस पैटोस
     सबसे ऊँचा जलप्रपात
    साल्टो एंजिल
     सबसे बड़ा जलप्रपात
    ग्वायरा

     

     सबसे चौड़ा जलप्रपात
    खोन जलप्रपात
     सबसे बड़ा जलडमरूमध्य
    डेविस जलडमरूमध्य
     सबसे संकरा जलडमरूमध्य
    यूनान एवं योबिया द्वीप के मध्य
     सबसे बड़ा गल्फ
    मैक्सिको का गल्फ
     सबसे विशाल जलसंधि
    टार्टार जलसंधि
     सबसे चौड़ी जलसंधि
    डेविस जलसंधि
     सबसे ऊँचा पर्वत शिखर
    माउंट एवरेस्ट

     

     सबसे ऊँची पर्वतमाला
    हिमालय
     सबसे ऊँचा पठार
    पामीर का पठार
     सबसे नीची पहाड़ी
    बुकिट टामसन
     सबसे ऊँचा ज्वालामुखी
    माउंट कोटोपैक्सी, इक्वाडोर
     सबसे विशाल ज्वालामुखी
    मौना लोआ
     सबसे ऊँचा बाँध
    रोगुन्सकी
     सबसे बड़ा बांध (कंक्रीट)
    ग्राउंड कुली बांध

     

     सबसे लंबा रेलवे प्लेटफार्म
    खड़गपुर
     सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन
    ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल (न्यूयॉर्क)
     सबसे लंबी रेलमार्ग
    ट्रान्स साइबेरियन रेलमार्ग
     सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित रेलवे स्टेशन
    सौन्दोर (बोलिबिया)
     सबसे बड़ी रेल सुरंग
    सीकन रेल सुरंग (जापान)
     सबसे बड़ी सड़क सुरंग
    सेंट गोत्थार्ड (स्विट्ज़रलैंड)
     सबसे ऊँची सड़क
    लेह मनाली मार्ग

     

     सबसे बड़ा सड़क पुल
    महात्मा गाँधी सेतु, पटना, भारत
     सबसे बड़ा राजमार्ग
    ट्रांसकैनेडियन राजमार्ग
     सबसे ऊँचा नगर
    वेनचुआन (तिब्बत)
     सबसे ऊँची राजधानी
    लापाज
     सबसे विशाल दलदल
    प्रिपेट दलदल
     सबसे बड़ा रेगिस्तान
    सहारा (अफ्रीका)
     एशिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान
    गोबी (मंगोलिया)
     सबसे ठंडा प्रदेश
    वोस्टॉल
     सबसे बड़ी मस्जिद
    मस्जिद अल हराम (मक्का)
     सबसे ऊँची मीनार
    कुतुबमीनार
     सबसे बड़ा गिरिजाघर
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    बुर्ज खलीफा (829.84 मी)
     सबसे लम्बी दिवार
    चीन की दिवार

    और पढ़ें : नदियों के किनारे बसे विश्व के प्रमुख नगर

     

     सबसे बड़ा स्टेडियम
    स्टारहोव स्टेडियम, प्राग
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    मासिनराम, मेघालय, भारत
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    द ग्रेट बेल ऑफ़ मास्को
     सबसे बड़ा बंदरगाह
    न्यूयॉर्क
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    खालिद हवाई अड्डा, रियाद
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    अंकोरवाट
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     सबसे बड़ा संग्रहालय
    ब्रिटिश संग्रहालय
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    कांग्रेस पुस्तकालय
     सबसे बड़ा चिड़ियाघर
    क्रूगर नेशनल पार्क (द. अफ्रीका)
     सबसे बड़ा महाकाव्य
    महाभारत
     सबसे बड़ा पार्क
    वुड वफेलो नेशनल पार्क (कनाडा)

     

     सबसे बड़ा प्लेनेटोरियम
    मियाझाकी (जापान)
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    इम्पीरियल पैलेस बीजिंग
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    पेंटागन
     सबसे लंबा वृक्ष
    सिकोया का वृक्ष, कैलिफ़ोर्निया
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    जिराफ
     सबसे विशालकाय पशु
    ब्लू ह्वेल
     सबसे बड़ा पक्षी
    ऑस्ट्रिच

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  • पद परिचय और पद परिचय में भिन्नता

    पद परिचय और पद परिचय में भिन्नता

    पद परिचय ( Pad Parichay : Parsing ) : वाक्यों में प्रयुक्त किए जाने वाले शब्दों को पद कहते हैं! व्याकरणिक दृष्टि से पद संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक होते हैं! इन पदों के परिचय को पद परिचय कहते हैं! इसे व्याकरणिक परिचय भी कहा जाता है! अर्थात् वाक्यों में आने वाले पदों का व्याकरण की दृष्टि से परिचय देना पद परिचय कहलाता है!

     

    संज्ञा पद परिचय ( Sangya Pad Parichay ) : संज्ञा का पद परिचय करते समय निम्न बातें स्पष्ट की जाती है – (i) संज्ञा भेद – व्यक्तिवाचक, जातिवाचक आदि!, (ii) लिंग – स्त्रीलिंग, पुल्लिंग, (iii) वचन – एकवचन, बहुवचन!, (iv) कारक – कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण, संबोधन! (v) संबंध – पद का क्रिया और अन्य पदों से संबंध!

     

    सर्वनाम पद परिचय ( Sarvnam Pad Parichay ) : सर्वनाम का पद परिचय निम्न रूप में किया जाता है – (i) सर्वनाम भेद – पुरुषवाचक, निजवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक, (ii) लिंग, (iii) वचन, (iv) कारक, (v) संबंध

     

    विशेषण पद परिचय : विशेषण का पद परिचय निम्न रूप में दिया जाता है – (i) विशेषण भेद – गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक, सार्वनामिक, (ii) लिंग, (iii) वचन, (iv) संज्ञा के साथ संबंध

     

    क्रिया पद परिचय : क्रिया का पद परिचय निम्न रूप में किया जाता है – (i) क्रिया भेद – सकर्मक, अकर्मक, (ii) काल – भूत, वर्तमान, भविष्य, (iii) लिंग, (iv) वचन, (v) वाच्य – कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य, (vi) संबंध – वाक्य के अन्य पदों से संबंध

     

    क्रिया विशेषण पद परिचय: क्रिया विशेषण का पद परिचय निम्न रूप में किया जाता है – (i) क्रिया विशेषण का भेद – रीतिवाचक, कालवाचक, स्थानवाचक, परिमाणवाचक, (ii) संबंध – जिस क्रिया की विशेषता प्रकट की गई है, उसके साथ संबंध!

     

    संबंधबोधक पद परिचय : संबंधबोधक का परिचय निम्न प्रकार से दिया जाता है – (i) संबंधबोधक भेद – समता, पृथकता, विनिमय, संग्रह, स्थान, साधन, विरोध, संग, तुलना, व्यतिरेक, काल, दिशा और हेतु!, (ii) संबंध – अन्य पदों से संबंध!

     

    समुच्चयबोधक पद परिचय : समुच्चयबोधक का पद परिचय निम्न प्रकार से दिया जाता है – (i) समुच्चयबोधक भेद – संयोजक, विभाजक, विरोधदर्शक, परिणामदर्शक, कारणवाचक, स्वरुपवाचक, उद्देश्यवाचक, संकेतवाचक, (ii) संबंध – वाक्य के उन पदों का उल्लेख जिन्हें जोड़ा जाता है!

     

    विस्मयादिबोधक पद परिचय : विस्मायदिबोधक का पद परिचय निम्नं रूप में दिया जाता है – (i) विस्मयादिबोधक भेद – विस्मय, प्रशंसा, हर्ष, संबोधन, पीड़ा, शोक, भय, चेतावनी, आशीर्वाद, तिरस्कार, स्वीकृति, क्रोध, कृतज्ञता, अभिवादन, घृणा आदि!, (ii) संबंध – भाव का नाम!

     

    पद परिचय के उदहारण : गणेश वहाँ दसवीं कक्षा में बैठा है!

    गणेश – संज्ञा, व्यक्तिवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ताकारक, क्रिया का कर्ता!

    वहाँ – स्थानवाचक क्रिया विशेषण, क्रिया का स्थान निर्देश

    दसवीं – विशेषण, संख्यावाचक, क्रमसूचक, स्त्रीलिंग, एकवचन, विशेष्य का विशेषण

    कक्षा में – संज्ञा, जातिवाचक, स्त्रीलिंग, एकवचन, अधिकरण कारक, क्रिया से संबंध

    बैठा है – अकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, एकवचन, अन्य पुरुष, पूर्णपक्ष, कर्तृवाच्य आदि!

    और पढ़ें (Next Topic) : पदबंध संरचना और पदबंध के भेद

     

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  • अव्यय, क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक निपात

    अव्यय, क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक निपात

    जिनका रूप सदैव बना रहता है और उनमें परिवर्तन नहीं होता! एक ही रूप बने रहने के कारण इन्हें अव्यय ( Avyay ) कहते हैं! ‘अव्यय’ शब्द का अर्थ है – जिनका व्यय न हो अर्थात् जिनमें विकार न आए! इन्हें अविकारी पद भी कहते हैं! अव्यय वे पद हैं जिनमें लिंग, वचन, पुरुष, काल आदि के कारण कोई विकार या परिवर्तन नहीं होता! संज्ञा, सर्वनाम विशेषण और क्रिया पदों को विकारी पद ( Vikari Pad ) कहते हैं, क्योंकि इनके पदों में लिंग, वचन, पुरुष, काल आदि के अनुसार परिवर्तित होता है!

     

    अव्यय ( Avyay ) के भेद –

    १. क्रिया-विशेषण  २. संबंधबोधक  ३. समुच्चयबोधक  ४. विस्मयादिबोधक  ५. निपात

     

    १. क्रिया-विशेषण ( Kriya Visheshan ) – जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया-विशेषण कहते हैं! क्रिया की विशेषता प्रायः चार प्रकार से बताई जाती है, अतः क्रिया विशेषण के चार भेद होते हैं – (i) रीतिवाचक क्रिया विशेषण  (ii) कालवाचक क्रिया विशेषण  (iii) स्थानवाचक क्रिया विशेषण  (iv) परिमाणवाचक क्रिया विशेषण

    (i) रीतिवाचक क्रिया विशेषण – जिन क्रिया विशेषण शब्दों से क्रिया के ढंग या रीती की विशेषता का बोध होता है, उन्हें रीतिवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं, जैसे – प्रेशर कुकर अचानक फट गया! यदि वाक्य की मुख्य क्रिया के साथ ‘कैसे’ प्रश्न लगा दिया जाए तो उत्तर रीतिवाचक क्रिया विशेषण आएगा! रीतिवाचक क्रिया वाचक के प्रकार –

    (क) विधिबोधक – ध्यानपूर्वक, सहसा, हाथोंहाथ, सुखपूर्वक, परिश्रमपूर्वक, धीरे धीरे, तेज आदि!

    (ख) निश्चय्बोधक – अवश्य, निसंदेह, जरुर, सचमुच, बेशक आदि!

    (ग) अनिश्चयबोधक – शायद, संभवतः, प्रायः, बहुधा, कदाचित, अक्सर आदि!

    (घ) हेतुबोधक – क्यों, किसलिए, अतएव, अतः, क्योंकि आदि!

    (च) निषेधबोधक – न, नहीं, मत, कभी नहीं आदि!

    (छ) प्रश्नवाचक – क्यों, कैसे

    (ज) स्वीकृतिबोधक – हाँ, जी, ठीक, सच, बिलकुल

    (झ) आकस्मिकताबोधक – सहसा, अचानक, एकाएक, अकस्मात!

    (ट) आवृत्तिबोधक – सरासर, फटाफट, धड़ाधड़, चुपचाप

     

    (ii) कालवाचक क्रिया विशेषण – जिन क्रिया विशेषण शब्दों से क्रिया के समय की विशेषता का बोध होता है, उन्हें कालवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं! यदि क्रिया के साथ ‘कब’ लगाकर प्रश्न किया जाए तो उत्तर कालवाचक क्रिया विशेषण होगा! कालवाचक क्रिया विशेषण के तीन प्रकार होता हैं –

    (क) काल-बिंदु वाचक – आज, कल, अब, जब, अभी, प्रातः, सायं, पश्चात आदि!

    (ग) अवधि वाचक – हमेशा, लगातार, सदैव, दिनभर, नित्य, निरंतर, लगातार, आजकल आदि!

    (घ) बारंबारता वाचक – हरबार, प्रतिदिन, प्रतिवर्ष, बहुधा, आदि!

     

    (iii) स्थानवाचक क्रिया विशेषण – जिन क्रिया विशेषण शब्दों से क्रिया के स्थान की विशेषता का बोध होता है, उन्हें स्थानवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं! क्रिया के साथ ‘कहाँ’ प्रश्न करें तो उत्तर स्थानवाचक क्रिया विशेषण मिलेगा! इसके दो प्रकार होते हैं –

    (क) स्थितिबोधक – आगे, पीछे, ऊपर, निचे, भीतर, बाहर, सर्वत्र, अंदर, बाहर, आमने, सामने, दूर, यहाँ, आदि!

    (ख) दिशाबोधक – सामने, इधर, उधर, चारो ओर, निचे आदि!

     

    (iv) परिमाणवाचक क्रिया विशेषण – जिन क्रिया विशेषणों से क्रिया की मात्रा या नाप तौल आदि की विशेषता का बोध होता है, उन्हें परिमाणवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं! क्रिया के साथ कितना/कितनी लगाकर प्रश्न करो तो उत्तर परिमाणवाचक क्रिया विशेषण आएगा! जैसे – थोड़ा, खूब, उतना-जितना, बराबर, कम, अधिक आदि!

     

    क्रिया विशेषणों की रचना –

    कुछ शब्द मूलतः क्रिया विशेषण होते हैं और कुछ क्रिया विशेषणों की रचना की जाती है! किसी मूल शब्द के साथ ‘प्रत्यय लगाकर तथा समास द्वारा क्रिया विशेषण बनाए जाते हैं! इस आधार पर क्रिया विशेषण दो प्रकार के होते हैं! (i) मूल क्रिया विशेषण  (ii) यौगिक क्रिया विशेषण

    (i) मूल क्रिया विशेषण – जो किसी अन्य शब्द अथवा प्रत्यय के योग के बिना ही प्रयोग में लाए जाते हैं, वे मूल क्रिया विशेषण कहलाते हैं! जैसे – यहाँ, वहाँ, कम, अधिक, अचानक आदि!

    (ii) यौगिक क्रिया विशेषण – यौगिक क्रिया विशेषण समास द्वारा बनते हैं या शब्दों के साथ प्रत्यय लगाकर बनते हैं! जैसे – यथाशक्ति, प्रेमपूर्वक, रातों-रात, यथोचित, चुपके-चुपके आदि! यौगिक क्रिया विशेषण संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विलोम शब्दों और शब्दों की आवृति से बनते हैं!

    न, नहीं और मत शब्दों का प्रयोग भी क्रिया विशेषण के रूप में किया जाता है! क्रिया विशेषण की विशेषता बताने वाले शब्द भी क्रिया विशेषण कहलाते हैं, इन्हें क्रिया-प्रविशेषण’ भी कहा जाता है! जैसे – जरा अधिक ऊँचा बोलो!

     

    विशेषण ( Visheshan ) और क्रिया विशेषण ( Kriya Visheshan ) में अंतर – कई विशेषण शब्द क्रिया विशेषण के रूप में भी प्रयोग में लाए जाते हैं! विशेषण शब्द जब क्रिया से पहले आएँगे वे भी तभी क्रिया विशेषण होंगे! यदि वे संज्ञा से पहले आएँगे तो विशेषण ही कहलाएँगे! हिंदी में कालवाचक, रीतिवाचक तथा स्थानवाचक क्रिया विशेषणों का प्रयोग एक ही वाक्य में संभव है, जैसे – वे शाम को धीरे धीरे ऊपर पहुंचेंगे!

     

    २. संबंधबोधक ( Sambandhbodhak ) – संज्ञा और सर्वनाम के बाद आकार उनका संबंध वाक्य के अन्य शब्दों के साथ प्रकट करने वाले अव्यय शब्दों को संबंधबोधक कहते हैं! इनके पहले किसी न किसी परसर्ग की अपेक्षा रहती है; जैसे – के, से, की आदि!

    संबंधबोधक ( Sambandh Bodhak ) के भेद – संबंधबोधक के भेड़ों के तीन आधार हैं – (i) प्रयोग  (ii) अर्थ  (ii) उत्पत्ति

    (i) प्रयोग के आधार पर संबंधबोधक के भेद –

    (क) संबद्ध संबंधबोधक – संज्ञा की विभक्तियों के पश्चात आने वाले संबंधबोधक शब्दों को संबद्ध संबंधबोधक कहते हैं; जैसे – कुरुक्षेत्र से दूर जालंधर है!

    (ख) असंबद्ध संबंधबोधक – संज्ञा के बदले हुए रूपों के पश्चात आने वाले संबंधबोधक शब्दों को असंबद्ध संबंधबोधक कहते हैं; जैसे – भाई मुठ्ठी भर चावल को तरसते रहे!

     

    (ii) अर्थ के आधार पर संबंधबोधक के भेद –

    (क) समतावाचक : सा, अनुसार, तरह, समान, जैसे, भांति, नाई, बराबर आदि!

    (ख) पृथकतावाचक : अलग, परे, दूर, हटकर आदि!

    (ग) विनिमयवाचक : बदले, एवज, स्थान, जगह आदि!

    (घ) संग्रहवाचक : मात्र, तक, पर्यंत, भर आदि!

    (ड़) स्थानवाचक : यहाँ, निचे, पीछे, वहाँ, दूर, पास, ऊपर, आगे आदि!

    (च) साधनवाचक : माध्यम, द्वारा, मार्फ़त, सहारे, जरिए आदि!

    (छ) विरोधवाचक : विरुद्ध, खिलाफ, विपरीत, प्रतिकूल, उल्टे आदि!

    (ज) संगवाचक : साथ, समेत, संग, सहित आदि!

    (झ) तुलनावाचक : आगे, मुकाबले, सामने, अपेक्षा, बनिस्बत आदि!

    (ट) व्यक्तिरेकवाचक : रहित, अतिरिक्त, सिवा, बिना, अलावा, बगैर, सिवाय आदि!

    (ठ) कालवाचक : बाद, पूर्व, उपरांत, पहले, अनंतर, पश्चात, पीछे आदि!

    (ड) हेतुवाचक : चलते, वास्ते, कारण, खातिर, लिए, हित आदि!

     

    (iii) उत्पत्ति के आधार पर संबंधबोधक के भेद :

    (क) मूल संबंधबोधक : हिंदी और संस्कृत भाषाओँ के संबंधबोधक शब्द जो मूल रूप से ही संबंधबोधक है, उन्हें मूल संबंधबोधक कहते हैं! जैसे – बिना, पूर्वक, पर्यंत, सिवाय आदि!

    (ख) यौगिक संबंधबोधक : संज्ञा, विशेषण, क्रिया और क्रिया विशेषण शब्दों से बनने वाले संबंधबोधक यौगिक संबंधबोधक कहलाते हैं!

     

    क्रिया विशेषण और संबंधबोधक में अंतर : यदि अव्यय शब्द क्रिया की विशेषता बताने के साथ अन्य किसी संज्ञा या सर्वनाम के साथ सम्बंधित हो तो संबंधबोधक कहलाता है, अन्यथा क्रिया विशेषण कहलाता है!

     

    समुच्याबोधक या योजक ( Samuchyabodhak : Conjunction) : दो शब्दों, वाक्यांशों और वाक्यों को जोड़ने वाले शब्द समुच्चयबोधक कहलाते हैं! जैसे – और, तथा, या, अन्यथा, क्योंकि और परंतु आदि!

     

    समुच्चयबोधक के भेद –

    (i) समानाधिकरण समुच्चयबोधक – ऐसे समुच्चयबोधक शब्द जिनसे समान पदों, वाक्यांशों, पदबंधों, उपवाक्यों और वाक्यों को जोड़ा जाता है! जैसे – अध्यापक पढ़ा रहा था और विद्यार्थी पढ़ रहे थे! समानाधिकरण समुच्चयबोधक के भेद – (क) संयोजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक (ख) विभाजक समानाधिकरण समुच्चयबोधक (ग) परिणामदर्शक समानाधिकार समुच्चयबोधक (घ) विरोधदर्शक समानाधिकरण समुच्चयबोधक

    (ii) व्यधिकरण समुच्चयबोधक – ऐसे समुच्चयबोधक जो वाक्य में एक या अधिक आश्रित उपवाक्यों को जोड़ते हैं, व्यधिकरण समुच्चयबोधक कहलाते हैं! जैसे – मैं घर जा रहा हूँ, ताकि आराम कर सकूँ! व्यधिकरण समुच्चयबोधक के भेद – (क) करणवाचक व्यधिकरण समुच्चयबोधक (ख) स्वरुपवाचक व्यधिकरण समुच्चयबोधक (ग) उद्देश्यवाचक व्यधिकरण समुच्चयबोधक (घ) संकेतवाचक व्यधिकरण समुच्चयबोधक

     

    विस्मयादिबोधक ( Vismayadibodhak : Interjection) – जो अव्यय शब्द विस्मय, प्रशंसा, प्रसन्नता, शोक और घृणा आदि भावों को प्रकट करते हैं, उन्हें विस्मयादिबोधक कहते हैं! विस्मयादिबोधक शब्द वाक्य के आरंभ में आते हैं, इनके आगे विस्मयादिबोधक चिह्न ‘!’ लगाया जाता है, ये शब्द स्वतंत्र होते हैं! जैसे – वाह!, शाबाश! आदि! कई बार विकारी शब्दों का प्रयोग विस्मयादिबोधक के रूप में किया जाता है, जैसे – बाप रे बाप!

     

    निपात ( Nipat ) – जो अव्यय वाक्य में किसी शब्द के बाद लगकर उसे विशेष बल प्रदान करते हैं, उन्हें निपात कहते हैं! इन्हें आधारमूलक शब्द भी कहा जाता है! जैसे – राम ही कल जाएगा!

    निपात ( Nipaat ) के भेद – (i) तुलनात्मक निपात (सा), (ii) प्रश्नवाचक निपात (क्या), (iii) सम्मानवाचक निपात (जी), (iv) विस्मयवाचक निपात (क्या), (v) स्वीकारवाचक निपात (हाँ, जी हाँ, जी), (vi) निषेधवाचक निपात (मत), (vii) अवधारणावाचक निपात (लगभग, ठीक, करीब), (viii) नकारात्मकवाचक निपात (नहीं), (ix) बलवाचक निपात (तो, तक, भी, पर, मात्र)

    और पढ़ें (Next Topic) : पद परिचय और पद परिचय में भिन्नता

     

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  • विश्व के प्रमुख स्थानों के भौगोलिक उपनाम

    विश्व के प्रमुख स्थानों के भौगोलिक उपनाम

    विश्व के विभिन्न देशों या स्थानों के भौगोलिक उपनाम उनके विशेष गुणों के आधार पर दी जाते हैं या अपने आप पड़ जाता है! विश्व के ऐसे ही प्रमुख देश, स्थान एवं उनके उपनाम की एक सूची यहाँ निचे दिए गए हैं –

     

    भौगोलिक उपनाम :

     सात पहाडियों का नगर
    रोम
     पोप का शहर
    रोम
     रक्तवर्ण महिला
    रोम
     प्राचीन विश्व की सम्राज्ञी
    रोम
     पश्चिम का बेबीलोन
    रोम
     इटरनल सिटी (होली सिटी)
    रोम
     एन्टीलीज का मोती
    क्यूबा

    और पढ़ें : विश्व के प्रमुख खनिज, उत्पादक देश एवं उनके स्थान

     

     शुगर बाउल ऑफ़ द वर्ल्ड
    क्यूबा
     गगनचुम्बी इमारतों का शहर
    न्यूयॉर्क
     पर्ल ऑफ़ द ओरिएंट
    सिंगापूर
     क्वेकर सिटी
    फिलाडेल्फिया
     हवा वाला शहर / गार्डन सिटी
    शिकागो
     चीन का शोक
    ह्वांगहो नदी (पिली नदी)
     निरंतर बहने वाले झरनों का शहर
    क्विटो (इक्वेडोर)

     

     हर्मिट किंगडम
    कोरिया
     लैंड ऑफ़ मोर्निंग काम
    कोरिया
     लैंड ऑफ़ द गोल्डन फ्लीस
    ऑस्ट्रेलिया
     लैंड ऑफ़ कंगारू
    ऑस्ट्रलिया
     लैंड ऑफ़ गोल्डन वूल
    ऑस्ट्रेलिया
     लैंड ऑफ़ थाउजेंड लेक्स
    फ़िनलैंड
     लैंड ऑफ़ मिडनाइट सन
    नार्वे

    और पढ़ें : वायुमंडल की संरचना एवं इसकी विभिन्न परतें

     

     भूमध्य सागर का द्वार
    जिब्राल्टर
     होलीलैंड
    जेरुसलम
     ग्रेनाइट सिटी
    एवरडीन
     एमराल्ड द्वीप
    आयरलैंड
     नील नदी की देन
    मिस्र
     एम्पायर सिटी
    न्यूयॉर्क
     क्वीन ऑफ़ एड्रियाटिक
    वेनिस

     

     अरब सागर की रानी / पूर्व का वेनिस
     कोच्चि
     प्लेग्राउंड ऑफ़ यूरोप
    स्विट्जर्लैंड
     सूर्योदय का देश
    जापान
     लैंड ऑफ़ थंडरवोल्ट
    भूटान
     लैंड ऑफ़ वाइट एलीफैंटस
    थाईलैंड
     लैंड ऑफ़ दी थाउजेंड एलीफैंट
    लाओस
     लिली का देश
    कनाडा

     

     नेवर नेवर लैंड
    प्रेयरिज ऑफ़ नार्थ
     हैरिंग पोंड
    अटलांटिक महासागर
     संसार का छत
    पामीर का पठार
     वेनिस ऑफ़ दी वर्ल्ड
    स्टॉकहोम
     गोरों की कब्र
    गिनी तट
     लैंड ऑफ़ केक्स
    स्कॉटलैंड
     कॉकपिट ऑफ़ यूरोप
    बेल्जियम

     

     सिटी ऑफ़ गोल्डन गेट
    सेन फ्रांसिस्को
     स्वप्निल मीनारों वाला शहर
    ऑक्सफ़ोर्ड
     दक्षिण का ब्रिटेन
    न्यूजीलैंड
     अंध महाद्वीप
    अफ्रीका
     स्वर्णिम पैगोडा का देश
    म्यांमार
     संसार का रोटी का भंडार
    प्रेयरिज ऑफ़ नार्थ अमेरिका
     संसार का निर्जनतम द्वीप
    त्रिस्तान डी कुन्हा

    और पढ़ें : नदियों के किनारे बसे विश्व के प्रमुख नगर

     

     सात टापुओं का नगर
    मुंबई
     पूर्व का मैनचेस्टर
    ओसाका
     फोरबिडन सिटी
    ल्हासा
     इंग्लैंड का बगीचा
    केंट
     भारत का बगीचा
    बंगलुरु
     आंसुओं का प्रवेश द्वार
    बाब अल मंउब जलडमरूमध्य
     मोतियों का द्वीप
    बहरीन

     

     यूरोप के बारूद का पीपा
    बाल्कन
     लैंड ऑफ़ सैटिंग सन
    ब्रिटेन
     श्वेत शहर
    बेलग्रेड
     भारत का मसलों का बगीचा
    केरल
     स्मारकों की नगरी
    वियाना
     विश्व की जन्नत
    पेरिस
     एशिया का पेरिस
    थाईलैंड

     

     आइलैंड ऑफ़ क्लोव्ज
    जंजीवार
     गार्डन प्रोविंस ऑफ़ साउथ अफ्रीका
    नेटाल
     पिलर्स ऑफ़ हरक्युलिस
    स्ट्रेट्स ऑफ़ जिब्राल्टर
     पवन चक्कियों की भूमि
    नीदरलैंड
     हिंद महासागर का मोती / पूर्व का मोती
    श्रीलंका
     सुकुमार फूलों का देश
    जापान
     पूर्व का ग्रेट ब्रिटेन
    जापान

     

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