Category: देश

  • क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहाँ कांग्रेस में शामिल

    क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहाँ कांग्रेस में शामिल

    क्रिकेटर Mohammed Shami की पत्नी हसीन जहाँ कांग्रेस में शामिल हो गई है! कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने अपनी मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई! मुंबई कांग्रेस ने Hasin jahan के पार्टी में शामिल होने पर स्वागत किया है! माना जा रहा है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं!

     

    पेशे से मॉडल हसीन मोहम्मद शमी से शादी से पहले कोलकाता नाइटराइडर्स से बतौर चीयरलीडर्स जुड़ी थीं! दूसरी ओर मोहम्मद शमी ने हसीन से खुद की जान का खतरा बताया है! उन्होंने इस संबंध में जेपी नगर के जिलाधिकारी को पत्र लिखा है! इसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए गनर की मांग की है! हसीन और शमी की शादी जून 2014 में हुई थी!

     

    अभी हाल ही में शमी के साथ विवाद की वजह से चर्चा में आई थी हसीन जहाँ:

    शमी और हसीन के बीच इस साल मार्च में विवाद की शुरु हुआ! हसीन ने मार्च में मीडिया के सामने शमी के खिलाफ कई सनसनीखेज आरोप लगाए! उन्होंने शमी के खिलाफ घरेलू हिंसा, मैच फिक्सिंग और अन्य महिलाओं से रिश्ते रखने जैसे कई आरोप लगाए थे!

     

    इसके बाद कोलकाता पुलिस ने शमी और उनके परिवार के चार लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 498A, 323, 307, 376, 506, 328 और 34 के तहत मामले दर्ज किए थे!

    इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि बीसीसीआई ने शमी को अनुबंध देने से भी इनकार कर दिया था! हालांकि, बोर्ड की आंतरिक जांच में शमी बेकसूर साबित हुए! इसके बाद उनके कॉन्ट्रैक्ट को जारी रखा गया!

    इस बीच, शमी ने दावा किया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं! उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए एक गनर की मांग की है! शमी के पत्र के जवाब में जिलाधिकारी ने उन्हें पहले सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा है!

  • आठ साल में पहली बार घटी अमेरिका जाने वालों की संख्या

    आठ साल में पहली बार घटी अमेरिका जाने वालों की संख्या

    भारतीयों के लिए अमेरिका एक पसंदीदा देश रहा है! हर साल लाखों की संख्या में भारतीय अमेरिका का रुख करते हैं! लेकिन साल 2017 में अमेरिका जाने वाले भारतीयों की संख्या घटी है! 8 सालों में पहली बार घटी है अमेरिका जाने वालों की संख्या! पिछले आठ साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले भारतीयों की संख्या घटी है! अमेरिका के वाणिज्य विभाग की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है!

     

    रिपोर्ट के अनुसार साल 2017 में अमेरिका जाने वाले भारतीयों की संख्या 11.4 लाख थी, जो इसके पिछले साल से 5 फीसदी कम है! साल 2016 में करीब 11.72 लाख भारतीय अमेरिका गए थे! अमेरिका के वाणिज्य विभाग के नेशनल ट्रैवल ऐंड ट्रेड ऑफिस (NTTO) द्वारा हर देश से अमेरिका आने वाले लोगों के आंकड़े जारी किए जाते हैं! टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक साल 2009 में कुल 5.5 लाख भारतीय अमेरिका की यात्रा पर गए थे! तब इसमें इसके पिछले साल के मुकाबले 8 फीसदी की गिरावट आई थी! यानी इसके पहले अमेरिका जाने वाले भारतीयों की संख्या में गिरावट करीब आठ साल पहले देखा गई थी!

     

    असल में वह मंदी का दौर था जिसमें दुनिया भर के यात्री, कॉरपोरेट जगत के लोग, कारोबारी और अन्य लोग अपनी यात्राओं में कटौती कर रहे थे. लेकिन इसके बाद से लगातार अमेरिका जाने वाले भारतीयों की संख्या बढ़ ही रही थी! NTTO का कहना है कि यह तात्कालिक गिरावट है और साल 2018 से 2022 के बीच भारतीय यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा!

     

    ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि भारत से अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर निकलने वाले लोगों की संख्या हर साल 10 से 12 फीसदी बढ़ रही है! हाल के वर्षों में यह धारणा बनी है कि अमेरिका जाना थोड़ा कठिन हो गया है, क्योंकि कई देशों के लोगों के वहां जाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं! जानकारों का कहना है कि यह गलत धारणा है और अमेरिका हमेशा ही सही यात्रियों के लिए अपने दरवाजे खोलकर रखता है!

     

    गौरतलब है कि अमेरिका आमतौर पर ज्यादातर भारतीयों को 10 से 11 हजार की फीस लेकर 10 साल के लिए टूरिटस्ट कैटेगिरी में मल्ट‍िपल एंट्री वीजा देता है! जानकारों का कहना है कि इसकी तुलना में यूरोपीय देशों का वीजा चार्ज ज्यादा है! अमेरिका में हर साल करीब 7.7 करोड़ इंटरनेशल यात्री आते हैं! साल 2017 में इससे अमेरिका को रेकॉर्ड 251.4 अरब डॉलर की कमाई हुई थी!

  • RBI की शर्तें मानते हुए पेमेंट संबंधी डाटा देश में ही रखेगा Whatsapp

    RBI की शर्तें मानते हुए पेमेंट संबंधी डाटा देश में ही रखेगा Whatsapp

    वाट्सएप ने कहा है कि वो रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पेमेंट संबंधी डाटा को देश में ही रखेगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर डाटा को सुरक्षित रखने की व्यवस्था कंपनी ने की है।

     

    रिजर्व बैंक ने इस साल अप्रैल में जारी अपने सर्कूलर में कहा था कि सभी पेमेंट सिस्टम संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि भुगतान से संबंधित सभी डाटा स्थानीय स्तर पर ही सुरक्षित रखा जाए। इसकी व्यवस्था करने के लिए सभी कंपनियों को 15 अक्टूबर तक का समय दिया गया था। रिजर्व बैंक ने कहा था कि डाटा के तहत प्रत्येक ट्रांजैक्शन की शुरु से लेकर अंत तक का विस्तृत ब्योरा होना आवश्यक है।

     

    वाट्सएप के एक प्रवक्ता ने कहा है कि भारत में दस लाख से अधिक लोग वाट्सएप पेमेंट का परीक्षण कर रहे हैं। इसके तहत यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इसके जरिए भुगतान की व्यवस्था सुरक्षित और सरल है अथवा नहीं। प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने स्थानीय स्तर पर डाटा को स्टोर करने की व्यवस्था स्थापित कर ली है।

     

    प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि जल्दी ही इस पेमेंट व्यवस्था को देश भर में उपलब्ध करा दिया जाएगा। इससे देश में वित्तीय समावेशन के लक्ष्यों को पाने में मदद मिलेगी। सौजन्य: दज!