Category: देश

  • अश्विनी वैष्णव ने किया संचार साथी पोर्टल लॉन्च, अब गुम मोबाइल को ब्लॉक और ट्रैक कर सकेंगे

    अश्विनी वैष्णव ने किया संचार साथी पोर्टल लॉन्च, अब गुम मोबाइल को ब्लॉक और ट्रैक कर सकेंगे

    आज टेलिकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संचार साथी पोर्टल लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जब कोई भी इस पोर्टल पर मोबाइल खोने की जानकारी देगा, तो इसके बाद कुछ आइडेंटिटी वैरिफिकेशन होंगे। उसके तुरंत बाद ऑनलाइन टेलिकॉम ऑपरेटर और लॉ एन्फोर्समेंट एजेंसी के साथ इंटरैक्ट करके यह पोर्टल फोन को ब्लॉक कर देगा।

     

    वैष्णव ने कहा कि केवल सिम को ब्लॉक कर देना कोई सॉल्यूशन नहीं है, फोन को ब्लॉक करना जरूरी होता है। इसके साथ ही इस पोर्टल के जरिए कोई भी यह चेक कर सकता है कि उसके नाम से कितनी सिम चालू हैं। अगर आपको इसमें ऐसा कोई नंबर दिखाई देता है जो आपने नहीं लिया है तो उसे भी ब्लॉक करा सकता हैं।

     

    सेंटर फॉर डिपार्टमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) अभी तक दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और नॉर्थ-ईस्ट रीजन के कुछ टेलिकॉम ऑफिस में इस सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट चला रहा था, जिसे अब पूरे भारत में रोल आउट कर दिया गया है।

     

    खोए या चोरी हुए मोबाइल को ट्रैक करने या ब्लाक करने का प्रोसेस :

    खोए या चोरी हुए मोबाइल को ट्रैक करने या ब्लाक करने के लिए संचार साथी के ऑफिसियल वेबसाइट sanchar.saathi.gov.in पर जाकर ब्लॉक स्टोलेन / लॉस्ट मोबाइल आप्शन पर क्लिक करके अपने मोबाइल से सम्बंधित और मोबाइल ओनर से सम्बंधित जानकारी भरनी होगी जैसे – मोबाइल IMEI नंबर, परचेज डेट, इनवॉइस नंबर, लास्ट मोबाइल लोकेशन, एड्रेस वगैरह। उसके बाद फॉर्म को सबमिट कर दें। जिसके बाद आपको एप्लीकेशन/रिक्वेस्ट आईडी दिखाई देगी, जिसे सेव कर लें, क्योंकि इसी आईडी के जारी आप भविष्य में अपने मोबाइल को ट्रैक कर पाएंगे।

     

    मोबाइल की स्मगलिंग की भी जांच करेगा संचार साथी पोर्टल :

    C-DOT के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और चेयरमैन राजकुमार उपाध्याय ने बताया कि सिस्टम में एक इन-बिल्ट मैकेनिज्म है जो मोबाइल की स्मगलिंग की जांच भी करेगा।

     

    IMEI नंबर बदलने पर भी ट्रैक हो सकेगा फोन :

    अभी क्रिमिनल्स ज्यादातर मोबाइल चोरी करने के बाद डिवाइस का IMEI नंबर बदल देते हैं, जिसके कारण मोबाइल ट्रैक या ब्लॉक नहीं हो पाता था। अब ये पोर्टल IMEI नंबर बदलने के बाद भी डिवाइस को ट्रैक और ब्लॉक कर सकेगा।

     

    पोर्टल की मदद से बरामद हुए 8000 फोन :

    बताया जा रहा है की अब तक इस पोर्टल के माध्यम से 4.81 लाख से अधिक खोए या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक किया जा चुका है। इसके साथ ही 2.43 लाख से अधिक मोबाइल को ट्रैक किया गया है। तथा अब तक इस पोर्टल की मदद से 8 हजार फोन बरामद किए जा चुके हैं।

  • कांग्रेस ने झूठ का गुब्बारा फुलाया, जनता ने चुरचुर कर दिया : नरेंद्र मोदी

    कांग्रेस ने झूठ का गुब्बारा फुलाया, जनता ने चुरचुर कर दिया : नरेंद्र मोदी

    कर्नाटक में आज PM Narendra Modi ने रैली को संबोधित करते हुए कहा – कांग्रेस ने झूठ का गुब्बारा फुलाया, पूरा इको सिस्टम लगाया, तरह तरह के झूठ फैलाए लेकिन जनता ने इनके गुब्बारे को चुरचुर कर दिया, झूठ की हवा निकाल दी।

  • बेंगलुरु में PM Narendra Modi का मेगा रोड शो, देखने के लिए लाखों लोग जुटे

    बेंगलुरु में PM Narendra Modi का मेगा रोड शो, देखने के लिए लाखों लोग जुटे

    कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है। सभी दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस चुनाव के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में चुनाव के लिए मेगा रोड शो किया। बेंगलुरु में पीएम मोदी का रोड शो सुबह 10 बजे शुरू हुआ। उनका यह रोड शो 17 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। इसमें हजारों की भीड़ जुटी है। पीएम की रैली में जय बजरंगबली के नारे भी लगाए जा रहे हैं।

     

    शुरुआत में एकतरफा और निरश दिख रहे मुकाबले में प्रधानमंत्री की सभाओं ने नयी जान दाल दी है। मुकाबला अब काफी दिलचस्प हो गया है। पीएम मोदी के रोड शो का पूरा मार्ग अब तक भगवा रंग में रंगा नजर आ रहा है। सड़क के दोनों हिस्सों को भारतीय जनता पार्टी के झंडों से पट गया है और इसमें शामिल पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने भी भगवा शॉल व टोपी पहन रखी है।

     

    बेंगलुरु दक्षिण के सोमेश्वर भवन आरबीआई ग्राउंड से मल्लेश्वरम के सांके टैंक तक हुआ है ये रोड शो। करीब 1.30 बजे तक चलने वाला यह रोड शो, 17 विधानसभाओं को कवर करता है। भाजपा के प्रचार में अचानक आई तेजी के पीछे कांग्रेस का बजरंग दल को बैन करने की घोषणा का भी हाथ माना जा रहा है, जिसके बाद आम जनता और कार्यकर्त्ता में बेवजह के इन मुद्दों से काफी नाराजगी फ़ैल गई, और कांग्रेस की तरफ झुकता दिख रहा ये मुकाबला, अचानक से करवट बदलने लगा है।

     


    प्रधानमंत्री के रोड शो में उमड़ी भीड़ और भीड़ में मौजूद लोगों का उत्साह भाजपा के दक्षिण के किले को बचने की इस लड़ाई में उसके कार्यकताओं के मन में नयी उर्जा जरुर भरने वाला होगा। बाकि परिणाम तो 10 मई को कर्णाटक की जनता ही तय करेगा। Report : Ganga News

  • अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के पीछे कौन, उसके मुंह खुलने से किसको था डर?

    अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के पीछे कौन, उसके मुंह खुलने से किसको था डर?

    माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की प्रयागराज में मेडिकल कराने ले जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। अतीक और उसके भाई को अनिवार्य मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, जहाँ वो मीडिया को बाइट दे रहा था। तभी अचानक से तीन हमलावरों ने पुलिस की सुरक्षा में खड़े अतीक को मीडिया की मौजूदगी में गोली मारकर हत्या कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों तीनों हमलावरों को पकड़ लिया है। फ़िलहाल तीनों हमलावर पुलिस की कस्टडी में हैं, और उनसे पूछताछ की जा रही है।

     

    उमेश पाल हत्याकांड के संबंध में अतीक अहमद को हाल ही गुजरात की जेल से लाया गया था, और उत्तर प्रदेश पुलिस की कस्टडी में जिस तरह से अतीक अहमद खुलासे कर रहा था, उससे राजनीतिक गलियारे में भी माहौल काफी गर्म था। ये सभी जानते हैं की अतीक अहमद के राजनीतिक कनेक्शन रहे हैं, सत्ता का संरक्षण और बड़े बड़े लोगों के शह पाकर ही वो इतना बड़ा माफिया बना था। सत्ता की ताकत को साधकर ही वो जुर्म की दुनियां का बादशाह बना था। और फ़िलहाल पुलिस कस्टडी में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद जिस तरह से खुलासे कर रहे थे, हथियारों की तस्करी से लेकर इसके नेक्सस तक राज उगल रहा था। इस बात की भी आशंका जा रही है की अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या में हथियार तस्करों के नेक्सस का भी हाथ हो सकता है।

     

    एक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए पूर्व पुलिस अधिकारी एके जैन कहा – इस बात की जाँच होनी चाहिए की अतीक के मुंह खोलने से पहले उसकी हत्या करा दी गई, इस नेक्सस की जाँच होनी चाहिए। वरिष्ट पत्रकार रामकृपाल सिंह ने कहा – जिस तरह से अतीक अहमद पुलिस कस्टडी में राज उगल रहा था, ISI से कनेक्शन, हथियार तस्करों के नेक्सस को उजागर कर रहा था, बड़े नेताओं से उसका नेक्सस रहा है, हो सकता है की वो राज से पर्दा न उठा पाए, इसलिए उसे मार दिया गया।

     

     

    इसके अलावे न्यूज़ संपादक सुरेश चव्हाणके ने ट्वीट कर बताया की अतीक हत्याकांड में प्रयुक्त गाड़ी किसी अब्दुल मन्नान खान के नाम पर रजिस्टर्ड है

     

     

    अतीक अहमद की मीडिया कैमरों के सामने, पुलिस की सुरक्षा में जिस तरह से हत्या की गई, वो पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न उठा रहे हैं। इससे नाराज होकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी नाराज बताए जा रहे हैं। उन्होंने घटना के तुरन्त बाद DGP और ADG को तलब कर घटना का ब्यौरा लिया, तथा वस्तुस्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

     

     

    उधर केन्द्रीय गृह मंत्रालय भी इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद तुरन्त एक्शन में आया और उत्तर प्रदेश से इस मामले ब्यौरा माँगा है।

     

     

    ये हत्याकांड क्या सिर्फ गैंगवार है? क्या हमलावरों ने सिर्फ बदले की भावना से या बड़ा माफिया बनाने के उद्देश्य से इस हत्याकांड को अंजाम दिया या इसमें किसी बड़े नेक्सस का हाथ है? अगर किसी बड़े नेक्सस का हाथ है तो इसकी पूरी जाँच होनी चाहिए। इस सनसनीखेज हत्याकांड में किसका हाथ है, किसके इशारे पर ये हत्या हुई, ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इस मामले की तह तक जाना चाहिए, आखिर कौन है जो नहीं चाहता था की अतीक अहमद का मुंह खुले, और उसके राज उजागर हों।

  • बंगाल में बिगड़ी कानून व्यवस्था की रोल मॉडल हैं ममता बनर्जी : अनुराग ठाकुर

    बंगाल में बिगड़ी कानून व्यवस्था की रोल मॉडल हैं ममता बनर्जी : अनुराग ठाकुर

    भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पर निशाना साधते हुए उन्हें राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक कार्यकर्ता राजू झा की मौत को लेकर ममता सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने ममता बनर्जी पर अपने भाषणों के माध्यम से पक्षपाती रवैया अपनाने, तुष्टिकरण करने और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।

     

    अनुराग ठाकुर भाजपा के कार्यकर्ता राजू झा की हत्या पर बोल रहे थे। BJP कार्यकर्ता राजू झा की पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान के शक्तिगढ़ में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ANI से बात करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा, बंगाल में राम भक्तों पर लाठियों से हमला किया जाता है, पथराव किया जाता है, बम फेंके जाते हैं, आगजनी होती है, हिंसा होती है और रामनवमी के दौरान शोभा यात्रा भी रोक दी जाती है। और ये सब ममता बनर्जी की नाक के नीचे हो रहा है।

     

    उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति कैसे बिगड़ती है, इसके लिए रोल मॉडल हैं। यह साफ़ देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री कैसे पक्षपाती और हिंदू विरोधी हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘उन्होंने तमाम हिंसाओं के लिए अपनी आंखें बंद कर रखी हैं और खुद को सिर्फ एक वर्ग तक सीमित कर लिया है। उनके भाषणों में यह भी देखा जा सकता है कि कैसे वह एक वर्ग के साथ खड़ी होती हैं और हिंदू समुदाय के लोगों के खिलाफ हिंसा भड़काती हैं।

     

    ममता दीदी सो रही हैं। वह एक तबके को सुरक्षा मुहैया करा रही हैं। हिंदू समुदाय की ‘शोभा यात्रा’ के दौरान पथराव, आगजनी और हिंसा की घटनाओं पर वे चुनिंदा रुख अपनाती रहीं हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक मुख्यमंत्री के संरक्षण में हिंदुओं पर हमला किया जाता है और वह केवल एक दर्शक की भूमिका निभाती हैं।

     

    उन्होंने कहा, एक मुख्यमंत्री होने का क्या मतलब है कि जब आप चुनी जाती हैं तो हिंसा होती है और अब फिर से रामनवमी के दौरान हिंसा हुई है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में 30 मार्च को रामनवमी समारोह के दौरान हावड़ा में दो समूहों की बीच सांप्रदायिक हिंसा हो गई थी, जिसमें कई वाहनों में आग लगा दी गई और सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। पश्चिम बंगाल पुलिस ने शनिवार को कहा था कि इस मामले में कुल 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, दो मामले दर्ज किए गए हैं और कुछ इलाकों में धारा 144 लगाई गई है। हलाकि बाद में राज्य सरकार की तरफ से पुलिस प्रशासन की विफलता मानी गई। रिपोर्ट : AU

  • BJP टीवी या अखबारों से नहीं अपने कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ी है : PM Narendra Modi

    BJP टीवी या अखबारों से नहीं अपने कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ी है : PM Narendra Modi

    केंद्रीय कार्यालय के उद्घाटन समारोह में बोले PM Modi – भाजपा ने अपनी अनथक और अनवरत यात्रा में अनगिनत पड़ाव देखे हैं। मुझे विश्वास है कि पार्टी का आधुनिक कार्यालय हमारी महान परंपरा को आगे ले जाते हुए अमृतकाल में विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि का प्रेरणास्रोत बनेगा।

     

    उन्होंने कहा – बीजेपी विकास के साथ-साथ बदलाव की भी प्राणशक्ति है। यही वजह है कि आज नॉर्थ ईस्ट के साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्य भी सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के बेहतरीन उदाहरण बने हैं।

     

    उन्होंने ने आगे कहा – यह हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं के त्याग और तपस्या का सुपरिणाम है कि आज भाजपा की तुलना दुनिया की उन ऐतिहासिक पार्टियों से होने लगी है, जिन्होंने अपने शासनकाल में अपने देश का भाग्य बदल दिया। Report : Ganga News

  • PM नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु मैसूर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया

    PM नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु मैसूर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया

    PM Narendra Modi ने आज मिशन गति शक्ति के तहत बने अत्याधुनिक बेंगलुरु मैसूर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करते हुए इसे राष्ट्र को समर्पित किया।

     

    इस मौके पर PM Modi ने कहा – हर देशवासी की ये इच्छा रही है कि ऐसे शानदार, आधुनिक एक्सप्रेसवे भारत में बनें। आज वो बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे को देखकर गर्व से भरे हुए हैं। Report : Ganga News

  • हर हर शंभू गाने वाली फरमानी का उलेमाओं को जवाब , बोलीं- जब पति ने पीटा तब कहां थे

    हर हर शंभू गाने वाली फरमानी का उलेमाओं को जवाब , बोलीं- जब पति ने पीटा तब कहां थे

    जब मेरे पति ने मुझे छोड़ दिया था, तब ये उलेमा कहां थे। ये उलेमा इस्लाम के नाम पर महिलाओं के हर काम को हराम बता देते हैं। ये बताइए महिलाएं जाएं तो कहां जाएं।” ये कहना है ‘हर-हर शंभू’ गाकर सुर्खियों में आईं इंडियन आइडल फेम फरमानी नाज का। फरमानी मुस्लिम हैं। हरिद्वार में जब उन्होंने ‘हर-हर शंभू’ गाना गाया तो देवबंद के उलेमाओं ने उनके खिलाफ नाराजगी जाहिर की। कहा, “इस्लाम में नाच-गाना हराम है।”

     

    फरमानी नाज के यूट्यूब पर लाखों की संख्या में फैन हैं। वे इंडियन आइडल सीजन-12 में भी दिखाई दी थीं। फरमानी उलेमाओं के फतवे पर कहती हैं, “मैं जिन तकलीफों से गुजरी हूं, उसका अंदाजा इन उलेमाओं को नहीं है। मेरा पति मेरे साथ बैठकर दूसरी लड़की से बात करता था। रोकने पर मुझे मारता था, यही नहीं एक पत्नी के होते हुए उसने दूसरी शादी कर ली, तब इन उलेमाओं को इस्लाम की याद क्यों नहीं आई।”

     

    फरमानी नाज बताती हैं, “2018 में मेरी शादी मेरठ के एक गांव में इमरान अहमद से हुई थी। शादी के बाद से ही मेरे विचारों को लेकर घर में झगड़ा होने लगा। मेरे पति का किसी और लड़की के साथ अफेयर था। मेरे सास-ससुर सब जानते थे। मैं इस बात का विरोध करती थी तो मुझे मारा जाता था। जान से मारने की धमकी दी जाती थी। आप सोचिए एक लड़की को कैसा लगेगा, जब उसका पति उसे धोखा दे रहा हो। 2019 में मुझे एक बेटा हुआ। मुझे लगा बच्चा होने के बाद सब ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। मेरे बेटे के गले में दिक्कत थी। वो बोल नहीं पाता था। इस बात को लेकर मुझे और मेरे बेटे को प्रताड़ित किया गया। कुछ दिनों बाद हम लोगों को घर से निकाल दिया गया। मेरे मां-बाप ने कर्ज लेकर मेरी शादी की थी। उसके बाद भी मेरे पति ने हम लोगों को छोड़ दिया।”

     

    फरमानी ने कहा, “मेरी आवाज बचपन से अच्छी थी, लेकिन मैंने कभी भी कोई शो नहीं किया था। मेरी मजबूरियों ने मुझे सिंगर बनाया। जब मैं पति के घर से वापस आई तो खर्च को लेकर दिक्कतें आ रही थीं। बेटे का इलाज भी होना था। मैं किसी रोजगार की तलाश में थी। तभी मेरे ताऊ के लड़के ने मुझे एक यू-ट्यूबर से मिलवाया। मेरी आवाज का टेस्ट हुआ। उनको मेरी आवाज बहुत पसंद आई। मैंने सबसे पहले हीर-रांझा का गाना गाया था। जिसको लोगों ने बहुत पंसद किया था। उसके बाद मुझे कुमार शानू के पास से ऑफर भी आया था। मैंने उनके साथ गाना गाया है। जल्द ही वो रिलीज हो जाएगा।

     

    वहां से मेरी जिंदगी को एक नया मौका मिला। मैं पुरानी बातों को भुलाकर अपने बेटे का भविष्य बनाने में जुट गई। मैंने और मेरे भाई भूरा ने खूब मेहनत की। हम लोगों ने अपना स्टूडियो खोला। अभी मैं 15 गाने गा चुकी हूं। नाज भक्ति के नाम से भी मेरा एक यूट्यूब चैनल है, जिसमें मैंने भक्ति से जुड़े गाने गाए हैं। मैं एक कलाकार हूं। मेरे लिए मेरे सारे सुनने वाले एक हैं। मैं अपनी कला को समुदाय में बांटकर खत्म नहीं करना चाहती हूं। शिव का गाना भी मेरे लिए एक भक्ति जैसा ही है।”

     

    फरमानी के हर-हर शंभू गाने पर देवबंद के उलेमाओं ने फतवा जारी करते हुए एक वीडियो जारी किया। इसके जवाब में फरमानी कहती हैं, “मुझे इन बातों से फर्क नहीं पड़ता है। मैं आगे भी ऐसे ही भजन गाती रहूंगी। सावन के महीने में मैंने कांवड़ियों के लिए ‘हर-हर शंभू’ गाना गाया है। आगे भी गाती रहूंगी। जिनको दिक्कत है, वो मेरा गाना न सुनें। मैं लोगों से यह भी कहूंगी कि अगर वो अच्छा नहीं बोल सकते हैं तो बुरा भी न बोलें।”

  • 68 साल बाद फिर TATA ग्रुप का हुआ एयर इंडिया, लगाई सबसे बड़ी बोली

    68 साल बाद फिर TATA ग्रुप का हुआ एयर इंडिया, लगाई सबसे बड़ी बोली

    सार्वजनिक एयरलाइन एयरइंडिया की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और समाचार एजेंसी रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया को खरीदने के लिए सबसे बड़ी बोली टाटा संस कंपनी ने लगाई है। टाटा संस ने एयर इंडिया की बोली जीत ली है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही यह साफ कर चुकी थी कि एयर इंडिया को कोड़ियों के दाम पर नहीं बेचा जाएगा।

     

    आपको बता दें कि टाटा संस और स्पाइसजेट के बीच एयर इंडिया को खरीदने के लिए मुकाबला चल रहा था। टाटा संस और स्पाइसजेट के अधिकारियों ने केंद्र से मुलाकात की है। इससे पहले एयर इंडिया के विनिवेश के लिए सचिवों की एक समिति ने रिजर्व प्राइस पर फैसला किया था लेकिन इस बारे में पर्याप्त जानकारी सामने नहीं आई थी। एयर इंडिया की नीलामी में एयर इंडिया शुरुआत से ही आगे रही।

     

    उद्योगपति जेआरडी टाटा ने वर्ष 1932 में टाटा एयरलाइंस की स्थापना की थी, लेकिन दूसरे विश्व युद्ध के दौरान टाटा एयरलाइंस की उड़ानों पर रोक लगा दी गई थी। जब युद्ध समाप्ति पर फिर से विमान सेवाएं बहाल हुई तो 29 जुलाई 1946 को टाटा एयरलाइंस का नाम बदलकर एयर इंडिया लिमिटेड कर दिया गया था। आजादी के बाद एयर इंडिया की 49 फीसदी भागीदारी सरकार के हाथ में चली गई थी और साल 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण हो गया। गौरतलब है कि टाटा की इस बोली के सफल होने के बाद एयर इंडिया 68 साल बाद नमक से लेकर सॉफ्टवेयर बनाने वाले समूह के पास वापस आ गई है।

     

    हालाँकि ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस बात पर अभी संशय के बादल छा गए हैं की टाटा ने इस बोली को जीता है या नहीं, क्योंकि सरकार की तरफ से अभी इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है! सेक्रेटरी दीपम के तरफ किए गए ताज़ा ट्वीट में इस बात से इंकार किया गया है की बोली की प्रक्रिया संपन्न हो गई है! साथ ही यह भी कहा गया है की जैसे ही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, इस बात की जानकारी मीडिया को दी जाएगी! लेकिन भारत की लगभग सभी मीडिया में इस बात की खबर है की एयर इंडिया की बोली टाटा ने जीत ली है! जैसे ही सरकार के तरफ के तरफ से इस जानकारी की पुष्टि की जाती है, हम आपको अपडेट देंगे!

  • अनिल यादव पर पत्नी ने लगाए जबरन तलाक देने और देवर द्वारा संबंध बनाने के आरोप

    अनिल यादव पर पत्नी ने लगाए जबरन तलाक देने और देवर द्वारा संबंध बनाने के आरोप

    सपा नेता अनिल यादव अपनी दूसरी शादी कांग्रेस की मीडिया पैनलस्टि Pankhuri Pathak से करने जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनिल यादव अपनी दूसरी शादी से पहले ही विवादों में घिर गए हैं। भास्कर में छपे एक रिपोर्ट के मुताबिक, Anil Yadav की पत्नी ने उन पर जबरन तलाक लेने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। पत्नी ने यह भी कहा है कि उनके देवर ने बेटे की हत्या का डर दिखाकर कई बार उनसे शारीरिक संबंध भी बनाए।

     

    अनिल 1 दिसंबर को कांग्रेस की मीडिया पैनलिस्ट पंखुड़ी पाठक के साथ विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं। इस बिच उनकी पीड़िता पत्नी के वकील विजय कुमार पांडे ने शुक्रवार देर शाम पत्रकारों को बताया कि सपा नेता अनिल यादव और पीड़िता की शादी 2013 में हुई थी। 18 मई 2015 को एक पुत्र भी हुआ। 2016 में अचानक अनिल का व्यवहार बदला और पीड़िता के साथ मारपीट और दुर्व्यहार करने लगे।

     

    पीड़िता ने इस संबंध में कई बार सास और ससुर से शिकायत की। उन्होंने भी बेटे का पक्ष लेते हुए कहा कि उसका औदा बढ़ गया है। तुमने शादी में सिर्फ डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए और अब वह 10 करोड़ का आदमी है। इसके बाद उसे पति और देवर ने एक साल तक कमरे में बंद रखा। उसके साथ बंधक जैसा व्यवहार किया। उस पर 24 घंटे की निगरानी की जाती रही।

     

    पत्नी का कहना है कि अनिल यादव ने बताया था कि वह कांग्रेस में मीडिया सलाहकार पंखुड़ी पाठक (पूर्व सपा प्रवक्ता) के साथ विदेश घूमने गया था। वहां उसने मेरे साथ एक वीडियो बना ली। इस कारण मैं फंस गया हूं और अब मुझे तुमसे छुटकारा चाहिए। पति ने बच्चे की हत्या की धमकी दी और 2018 में जबरन कड़कड़डूमा कोर्ट में आपसी समझौते से तलाक के कागजात पर साइन करा लिए।

     

    पत्नी का कहना है कि मेरे बेटे को सास-ससुर अपनी निगरानी में रखते थे। लौटने के बाद ही बेटा मुझे सौंपा जाता था। यही नहीं, इस बीच देवर ने मेरे साथ कई बार जबरन शारीरिक संबंध भी बनाए। वह बार-बार बेटे को जान से मारने की धमकी देता था। तलाक होने की पूरी प्रक्रिया के दौरान उसे बंधक बनाकर रखा गया। इसके बाद घर से मायके भेज दिया गया।

     

    सपा नेता अनिल यादव ने पत्नी के आरोपों काे बुनियाद बताया है। कहा- यह सिर्फ प्रॉपर्टी हथियाने के लिए किया जा रहा है। आपसी सहमति से दोनों का तलाक हुआ था। तीन वर्ष से वह पत्नी से अलग रह रहे हैं। मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए कानूनी कार्रवाई करूंगा।

     

    वैसे तो इस तरह की ख़बरें तो आम बात हो गई है आजकल। इसकी सत्यता की पुष्टि करना बेहद मुश्किल होता है कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ। लेकिन अगर इन ख़बरों में जरा भी सच्चाई है तो ये बेहद ही गंभीर मामला है। एक तरफ विडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का अपराध, तो दूसरी तरफ जबरन तलाक के पेपर पर साइन करवाने, कैद करने और बेटे को मारने की धमकी देकर देवर द्वारा संबंध बनाना; सब एक से बढ़कर एक गंभीर अपराध है।

     

    लेकिन इस तरह के परिवारिक मामलों में सत्यता की पुष्टि करना लगभग असंभव होता है की कौन सत्य बोल रहा है और कौन झूठ बोल रहा है। इस तरह के मामले जब समाज के सामने आता है तो न्याय की उम्मीद तो कम ही रहती है, लेकिन पारिवारिक और सामजिक मूल्यों से लोगों का भरोसा उठने लगता है, इंसानियत शर्मसार हो जाता है।

     

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  • चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया रंजन गोगोई सेवानिवृत हुए

    चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया रंजन गोगोई सेवानिवृत हुए

    धार्मिक नजरिए से अतिसंवेदनशील अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई अपने 13 महीने का कार्यकाल पूरा कर रविवार को आज सेवानिवृत्त हो गए। बतौर जज और CJI उनका कार्यकाल कई बार विवादों में रहा लेकिन, उन्होंने इसे अपने न्यायिक काम के बीच आने नहीं दिया, और कई ऐतिहासिक फैसले किए।

     

    सेवानिवृत्ति से करीब एक सप्ताह पहले सीजेआई गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने अयोध्या में दशकों पुराने राम जन्मभूमि विवाद का सफलतापूर्वक निपटारा किया। Ayodhya Verdict सुनाने के साथ ही उनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। पिछले साल जनवरी में तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा के कार्यकाल के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले चार जजों में जस्टिस गोगोई भी शामिल थे। इसके बाद एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि स्वतंत्र न्यायाधीश और शोरगुल वाले पत्रकार लोकतंत्र की रक्षा की पहली पंक्ति हैं।

     

    चीफ जस्टिस गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने पिछले साल केरल के Sabarimala मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। पांच सदस्यीय पीठ के तीन जजों ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के हक में फैसला दिया था। इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है, जिसे अब संविधान पीठ के पास सुनवाई के लिए भेजा गया है। CJI का कार्यालय RTI के दायरे में आता है की नहीं, इस मामले में भी चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है! अब CJI कार्यालय भी RTI के दायरे में होगा। ये फैसला भी उन्होंने इसी हफ्ते सुनाया है।

     

    चीफ जस्टिस गोगोई को लड़ाकू विमान Rafale की खरीद को लेकर मोदी सरकार को क्लीन चिट देने के लिए भी याद रखा जाएगा। विपक्ष ने इस रक्षा सौदे में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की थी, जिसे गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने खारिज कर दिया था। असम से ताल्लुक रखने वाले गोगोई ने 3 अक्तूबर, 2018 को देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली थी। उनका कार्यकाल 13 महीने का था।

     

    CJI Ranjan Gogoi ने सेवानिवृति से पहले आज रविवार को आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। इस दौरान उनकी पत्नी रूपांजलि गोगोई भी मौजूद थीं। रविवार सुबह मंदिर पहुंचने पर पुजारियों ने चीफ जस्टिस और उनकी पत्नी का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। पूजा अर्चना के बाद चीफ जस्टिस दिल्ली रवाना हो गए।

     

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