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  • अयोध्या पर फैसले से पहले सुप्रीम कोर्ट के जजों की सुरक्षा बढ़ाई गई

    अयोध्या पर फैसले से पहले सुप्रीम कोर्ट के जजों की सुरक्षा बढ़ाई गई

    राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद कर दी गई है। इस फैसले से पहले सुप्रीम कोर्ट के जजों की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। अयोध्या मामले का फैसला सुनाने वाली बेंच में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई समेत पांच जज शामिल हैं। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को जेड प्लस सुरक्षा दी गई है। वहीं बाकी जजों की और उनके आवास समेत सुप्रीम कोर्ट परिसर और आसपास की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

     

    हिंदी न्यूज़ चैनल आज तक के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की इनर मोस्ट जोन की सुरक्षा दिल्ली पुलिस की सिक्युरिटी यूनिट के हवाले रहती है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के अंदर जो सुरक्षा होगी, वह सिक्योरिटी यूनिट देखेगी। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ जाने वाली सभी सड़कों की निगरानी बढ़ा दी गई है। तिलक मार्ग, भगवानदास रोड, मथुरा रोड, महादेव रोड और इंडिया गेट सर्कल की सुरक्षा न्यू दिल्ली डिस्ट्रिक्ट पुलिस देखेगी।

     

    सुप्रीम कोर्ट समेत कई इलाकों में पेट्रोलिंग शुरू कर दी गई है। संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। अयोध्या मामले पर फैसले से पहले दिल्ली पुलिस ने एक्स्ट्रा फोर्स भी बुलाई है। उन सभी को नई दिल्ली इलाके में भी तैनात किया जाएगा. सभी की तैनाती शुरू हो चुकी है। डीसीपी नई दिल्ली और जॉइंट सीपी नई दिल्ली रेंज सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद करने में लगे हुए हैं।

     

    पीएम मोदी ने फैसले को लेकर लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा –

    वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि अयोध्या पर कल सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ रहा है। पिछले कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट में निरंतर इस विषय पर सुनवाई हो रही थी, पूरा देश उत्सुकता से देख रहा था। इस दौरान समाज के सभी वर्गों की तरफ से सद्भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रयास बहुत सराहनीय हैं।

     

     

    पीएम ने आगे कहा कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वो किसी की हार-जीत नहीं होगा। देशवासियों से मेरी अपील है कि हम सबकी यह प्राथमिकता रहे कि ये फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दें। पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि देश की न्यायपालिका के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए समाज के सभी पक्षों, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों, सभी पक्षकारों ने बीते दिनों सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए जो प्रयास किए, वे स्वागत योग्य हैं। कोर्ट के निर्णय के बाद भी हम सबको मिलकर सौहार्द बनाए रखना है।

     

     

    अयोध्या पर आने वाले फैसले पर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री में ने भी ट्वीट कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, उन्होंने कहा – माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अयोध्या प्रकरण के संबंध में दिए जाने संभावित फैसले के दृष्टिगत प्रदेशवासियों से अपील है की आने वाले फैसले को जीत हार के साथ जोड़कर न देखा जाए। यह हम सभी की जिम्मेवारी है की प्रदेश में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण को हर हाल में बनाए रखें।

     

     

    इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश वासियों से अपील की है की किसी भी तरह के अफवाह पर ध्यान न दें, प्रशासन सभी की यूरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रति कटिबद्ध है। कोई भी यदि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

     

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  • देश को प्रभावित करने वाला है सुप्रीम कोर्ट के आने वाले ये बड़े फैसले

    देश को प्रभावित करने वाला है सुप्रीम कोर्ट के आने वाले ये बड़े फैसले

    भारतीय सुप्रीम कोर्ट अगले कुछ दिनों में कुछ ऐसे अहम फैसले सुनाएगा जिससे देश के मौजूदा हालात में काफी कुछ बदल सकता है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। लेकिन इससे पहले जस्टिस गोगोई को कई ऐसे फैसले सुनाने हैं जिससे भारत में बहुत कुछ बदल जाएगा या इन फैसलों का असर काफी ‘प्रभावकारी’ हो सकता है। जब आने वाले सुप्रीम कोर्ट के बड़े फैसलों की बात करते हैं तो उनमें से ये चारमामले प्रमुख हैं –

     

    १. अयोध्या का मामला –

    अयोध्या मामले की सुनवाई खत्म हो चुकी है और CJI Ranjan Gogoi ने काफी पहले ही कहा था कि अगर इस पर सुनवाई तय समय में पूरी हो जाती है तो वह नवंबर में  इस पर फैसला सुना सकते हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि 17 नवंबर से पहले इस बड़े मामले में फैसला आ जाएगा।  सुप्रीम कोर्ट जब इस पर फैसला सुनाएगा तो ये निश्चित रूप से ऐतिहासिक होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि पांच जजों वाली संवैधानिक बेंच इस मामले पर 17 नवंबर तक फैसला सुना सकती है। बेंच की अगुवाई सीजेआई रंजन गोगोई कर रहे हैं। उनके अलावा जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल हैं।

     

    अयोध्या बाबरी मस्जिद – रामजन्मभूमि विवाद 100 सालों से ज्यादा पुराना है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में रोजाना सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस फैसले के पीछे की संवेदनशीलत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की पीएम मोदी भी अपने मंत्रियों से अपील कर चुके हैं कि इसको लेकर गैर जरूरी बयानबाजी न करें। वहीं राज्य सरकारें भी कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं।

     

    सबरीमला मंदिर मामला –

    17 तारीख से पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा भारत के दक्षिण भारतीय राज्य केरल स्थित सबरीमला अय्यपा मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर भी अपना आखिरी फैसला सुनाए जाने की संभावना है। इस मामले में पहले सर्वोच्च अदालत ने सीजेआई रंजन गोगोई की अगुवाई में जस्टिस आर फली नरीमन, जस्टिस एएम खानविल्कर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की बेंच ने 28 सितंबर, 2018 को अपने फैसले में 4-1 के बहुमत से सभी उम्र की महिलाओं को सबरीमला मंदिर में प्रवेश का हक दिया था।

     

    हालांकि इस फैसले की समीक्षा के लिए कई संस्थाओं और समूहों ने याचिकाएं दायर कीं। फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने वालों में नायर सर्विस सोसायटी और मंदिर के तंत्री भी शामिल हैं। करीब 60 पुनर्विचार याचिकाएं फिर से सुप्रीम कोर्ट में दायर की गईं। सबरीमला में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर भारत में काफी लंबी-चौड़ी बहस हुई है। मासिक धर्म से गुजरने वाली महिलाओं को मंदिर में न जाने दिए जाने को महिलावादी और प्रगतिशील संगठनों ने महिलाओं के मूलभूत अधिकारों का हनन बताया है।

     

    वहीं धार्मिक संगठनों की दलील है कि चूंकि अयप्पा ब्रह्मचारी माने जाते हैं, इसलिए 10-50 वर्ष की महिलाओं को उनके मंदिर में जाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वाली बेंच ने 6 फरवरी, 2019 को इन सभी याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस बेंच की अगुवाई भी जस्टिस रंजन गोगोई ने की है, ऐसे में इस मामले में भी 17 तारीख से पहले फैसला आने की उम्मीद है।

     

    राफेल विवाद –

    लोकसभा चुनाव से राफेल मुद्दे पर कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा था जब 14 दिसंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने इस डील में कथित घोटाले के आरोपों पर मोदी सरकार को क्लीनचिट दे दी थी। लेकिन इसके बाद इस पर भी कई पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की गई थीं। पहली संशोधन याचिका केंद्र सरकार द्वारा दाखिल की गई जिसमें कहा गया है कि कोर्ट के फैसले में ‘CAG रिपोर्ट संसद के सामने रखी गई’ की टिप्पणी को ठीक करें। इसके अलावे प्रशांत भूषण, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने भी पुनर्विचार याचिका दाखिल कर अदालत से राफेल मामले पर आदेश की समीक्षा करने के लिए कहा है, जिसमें कहा गया कि सरकार ने राफेल जेट का अधिग्रहण करने के लिए निर्णय लेने की सही प्रक्रिया का पालन किया है।

     

    इस पर फैसला भी 17 नवंबर से पहले आ सकता है क्योंकि इस मामले की जो पीठ सुनवाई कर रही है उसकी अगुवाई भी CJI Ranjan Gogoi ही कर रहे हैं। इस बेंच में जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ भी हैं। Rafale Deal से जुड़े इस मामले में 10 मई, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

     

    मुख्य न्यायाधीश का कार्यालय  RTI के दायरे में आते हैं या नहीं? –

    सूचना अधिकार कार्यकर्ता कार्यकर्ता सुभाष चंद्र अग्रवाल ने CJI Office को RTI के दायरे में लाने के लिए याचिका दायर की थी। सुभाष चंद्र अग्रवाल का पक्ष रखने वाले वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि अदालत में सही लोगों की नियुक्ति के लिए जानकारियां सार्वजनिक करना सबसे अच्छा तरीका है। सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति और ट्रांसफर की प्रक्रिया रहस्यमय होती है। इसके बारे सिर्फ मुट्ठी भर लोगों को ही पता होता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने कई फैसलों में पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया है लेकिन जब अपने यहां पारदर्शिता की बात आती है तो अदालत का रवैया बहुत सकारात्मक नहीं रहता।

     

    भारतीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कार्यालय सूचना के अधिकार के दायरे में आता है या नहीं, इससे जुड़े मामले की सुनवाई भी CJI Ranjan Gogoi की अगुवाई वाली बेंच ने ही किया है, जिसमें जस्टिस एनवी रामन्ना, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना शामिल हैं। ऐसे में इस मामले पर फैसला आने की पुरी संभावना है कि क्या सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सूचना के अधिकार के दायरे में आते हैं या नहीं।

     

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  • इसरो दे रहा है चंद्रयान-2 के पल-पल का अपडेट, जानें अभी किस हाल में है लैंडर विक्रम

    इसरो दे रहा है चंद्रयान-2 के पल-पल का अपडेट, जानें अभी किस हाल में है लैंडर विक्रम

    ISRO ने मंगलवार को एक बार फिर कहा कि Lander Vikram से संपर्क साधने की सभी कोशिशें जारी है। अतंरिक्ष एजेंसी ने इसे लेकर ट्वीट करते हुए लिखा, चंद्रयान 2 के ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर को ढूंढ लिया है लेकिन अभी तक उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। लैंडर के साथ संचार स्थापित करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

     

    सोमवार को इसरो ने बताया था कि चंद्रमा की सतह पर हार्ड लैंडिंग करने के बावजूद Chandrayaan-2 के लैंडर विक्रम में कोई टूट-फूट नहीं हुई है। ऑर्बिटर द्वारा भेजे गए चित्र के अनुसार यह एक ही टुकड़े के रूप में दिखाई दे रहा है, बस थोड़ा झुका हुआ मालूम पड़ रहा है। इसरो की टीम Chandrayaan-2 के Lander Vikram के साथ संपर्क स्थापित करने की कोशिशों में लगी हुई है।

     

    उजाला के मुताबिक एक वैज्ञानिक ने कहा कि हम विक्रम से संपर्क करने की लगातार हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। अभी हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है। चांद की सतह से महज 2.1 किमी दूर रहने के दौरान ही लापता विक्रम को इसरो ने रविवार को ऑर्बिटर की मदद से खोज निकाला था। विक्रम को सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी, मगर उसे हार्ड लैंडिंग का शिकार होना पड़ा।

     

    एक वैज्ञानिक ने कहा कि Lander Vikram की स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। उससे संपर्क करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। उम्मीद कम होती जा रही है। अगर इसने सॉफ्ट लैंडिंग की होती तो इसकी सारी प्रणाली कार्य कर रही होतीं। ऐसी स्थिति में तब हम इससे आसानी से संपर्क कर सकते थे।

     

    इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि चांद के आसमान में चक्कर काट रहे चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर एजेंसी के लिए संकटमोचक जैसा है। ऑर्बिटर में इतना ईंधन है कि वह निर्बाध गति से अपने काम को सात साल तक बखूबी अंजाम देता रहेगा। इससे मिशन के बाकी उद्देश्यों को पूरा किया जा सकेगा।

     

    चंद्रमा पर लैंडिंग के दौरान सतह से केवल 2.1 किमी ऊपर Lander Vikram से ISRO का संपर्क टूट गया था। जिससे वह रास्ता भटककर अपने निर्धारित जगह से लगभग 500 मीटर की दूरी पर चंद्रमा की सतह से टकरा गया था। जिसके बाद चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने रविवार को लैंडर विक्रम की थर्मल इमेज इसरो को भेजी थी।

     

    ISRO के पूर्व वैज्ञानिक के मुताबिक चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर से संपर्क क्रैश लैंडिंग के कारण नहीं टूटा होगा। उन्होंने कहा था, ‘मुझे लगता है, ये क्रैश लैंडिंग नहीं थी क्योंकि लैंडर और ऑर्बिटर के बीच का संपर्क चैनल अब भी चालू है।’ उन्होंने आगे बताया था कि जो संपर्क डाटा खो गया है उसका फिलहाल विश्लेषण किया जा रहा है।

     

    जब इसरो वैज्ञानिकों का Lander Vikram से संपर्क टूट गया तो सभी के चेहरे पर मायूसी छा गई। इसके बाद इसरो अध्यक्ष जब प्रधानमंत्री Narendra Modi को उनकी गाड़ी तक छोड़ने के लिए पहुंचे तो वह खुद को संभाल नहीं पाए और भावुक हो गए। जिसके बाद प्रधानमंत्री ने गले लगाकर उनकी पीठ थपथपाई थी!

     

     

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  • मोदी कैबिनेट में शामिल होने वाले मंत्रियों की सूची

    मोदी कैबिनेट में शामिल होने वाले मंत्रियों की सूची

    नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम 7 बजे दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके अलावा 57 मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें 25 कैबिनेट, 9 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 24 राज्य मंत्री हैं। 19 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई। इस बार 6 महिलाओं को मौका दिया गया है। उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 9 सांसदों को मंत्री बनाया गया।

     

    कैबिनेट मंत्री

    1 राजनाथ सिंह लखनऊ (उप्र)
    2 अमित शाह गांधी नगर (गुजरात)
    3 नितिन गडकरी नागपुर (महाराष्ट्र)
    4 डीवी सदानंद गौड़ा बेंगलुरु उत्तर (कर्नाटक)
    5 निर्मला सीतारमण राज्यसभा सदस्य
    6 रामविलास पासवान चुनाव नहीं लड़ा
    7 नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना (मप्र)
    8 रविशंकर प्रसाद पटना साहिब (बिहार)
    9 हरसिमरत कौर बादल बठिंडा (पंजाब)
    10 थावरचंद गहलोत राज्यसभा सदस्य
    11 एस जयशंकर पूर्व विदेश सचिव
    12 रमेश पोखरियाल निशंक हरिद्वार (उत्तराखंड)
    13 अर्जुन मुंडा खूंटी (झारखंड)
    14 स्मृति ईरानी अमेठी (उप्र)
    15 हर्षवर्धन चांदनी चौक (दिल्ली)
    16 प्रकाश जावड़ेकर राज्यसभा सदस्य
    17 पीयूष गोयल राज्यसभा सदस्य
    18 धर्मेंद्र प्रधान राज्यसभा सदस्य
    19 मुख्तार अब्बास नकवी राज्यसभा सदस्य
    20 प्रहलाद जोशी धारवाड़ (कर्नाटक)
    21 महेंद्रनाथ पांडेय चंदौली (उप्र)
    22 अरविंद सावंत मुंबई दक्षिण (महाराष्ट्र)
    23 गिरिराज सिंह बेगूसराय (बिहार)
    24 गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर (राजस्थान)

    राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

    1 संतोष गंगवार बरेली (उप्र)
    2 राव इंद्रजीत सिंह गुड़गांव (हरियाणा)
    3 श्रीपद नाइक उत्तर गोवा (गोवा)
    4 जीतेंद्र सिंह उधरपुर (जम्मू-कश्मीर)
    5 किरेन रिजिजू अरुणाचल पश्चिम
    6 प्रहलाद पटेल दमोह (मप्र)
    7 आरके सिंह आरा (बिहार)
    8 हरदीप पुरी राज्यसभा सदस्य
    9 मनसुख मांडविया राज्यसभा सदस्य

    राज्य मंत्री

    1 फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला (मप्र)
    2 अश्विनी चौबे बक्सर (बिहार)
    3 अर्जुन राम मेघवाल बीकानेर (राजस्थान)
    4 वीके सिंह गाजियाबाद (उप्र)
    5 कृष्णपाल गुर्जर फरीदाबाद (हरियाणा)
    6 रावसाहेब दानवे जालना (महाराष्ट्र)
    7 जी किशनरेड्डी सिकंदराबाद (तेलंगाना)
    8 पुरुषोत्तम रुपाला राज्यसभा सदस्य
    9 रामदास आठवले राज्यसभा सदस्य
    10 साध्वी निरंजन ज्योति फतेहपुर (उप्र)
    11 बाबुल सुप्रियो आसनसोल (बंगाल)
    12 संजीव बालियान मुजफ्फरनगर (उप्र)
    13 संजय धोत्रे अकोला, महाराष्ट्र
    14 अनुराग ठाकुर हमीरपुर, हिमाचल
    15 सुरेश अंगड़ी बेलगाम, कर्नाटक
    16 नित्यानंद राय उजियारपुर (बिहार)
    17 रतन लाल कटारिया अंबाला (हरियाणा)
    18 वी मुरलीधरन राज्यसभा सदस्य
    19 रेणुका सिंह सरुता सरगुजा (छत्तीसगढ़)
    20 सोम प्रकाश होशियारपुर (पंजाब)
    21 रामेश्वर तेली डिब्रूगढ़ (असम)
    22 प्रताप चंद्र सारंगी बालासोर (ओडिशा)
    23 कैलाश चौधरी बाड़मेर (राजस्थान)
    24 देबश्री चौधरी रायगंज (बंगाल)

     

  • मोदी भारत को `हिंदू राष्ट्र` बनाने की कोशिश कर रहे हैं: एचडी देवगौड़ा

    मोदी भारत को `हिंदू राष्ट्र` बनाने की कोशिश कर रहे हैं: एचडी देवगौड़ा

    एच डी देवेगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मंगलवार को आरोप लगाया कि वह भारत को “हिंदू राष्ट्र” बनाना चाहते हैं! पूर्व प्रधानमंत्री ने इस पर भी सवाल उठाए कि संविधान के अनुच्छेद 370 को क्यों खत्म किया जाना चाहिए! यह अनुच्छेद जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देता है! उन्होंने कहा, “इसे क्यों खत्म किया जाना चाहिए? सवाल यह है कि इसे क्यों खत्म किया जाना चाहिए? वहां अनुच्छेद 370 मैंने नहीं दिया है!”

     

    उन्होंने कहा, “जब कश्मीर वहां के महाराज के साथ हुए समझौते के बाद भारत में शामिल हुआ था, तब अनुच्छेद 370 पर सहमति हुई थी!” देवगौड़ा ने कहा, “वहां (जम्मू कश्मीर में) बौद्ध हैं, मुस्लिम हैं, हिंदू हैं, ब्राह्मण हैं, पंडित हैं और कई समुदाय हैं!” उन्होंने कहा, “वहां के माहौल को देखते हुए एक फैसले पर पहुंचा गया था!”

     

    देवगौड़ा हासन में संवाददाताओं से बात कर रहे थे जहां से उनके पोते प्रज्वल रेवन्ना लोकसभा चुनावों के लिए जनता दल (सेक्युलर) के उम्मीदवार हैं! उन्होंने कहा, “मोदी का विचार इस पूरे देश को हिंदू राष्ट्र बनाने का है! क्या मैं हिंदू नहीं हूं? क्या मैं मुस्लिम या ईसाई या बौद्ध हूं? हमें हर धर्म पर भरोसा है!”

     

    देवगौड़ा ने सभी संप्रदायों के सह-अस्तित्व वाली व्यवस्था की वकालत की और बंगाल (बांग्लादेश में विभाजित होने से पहले) में सांप्रदायिक हिंसा से प्रभावित नोआखली में शांति लाने के महात्मा गांधी के प्रयासों को याद कर कहा, “गांधी ने हमें स्वतंत्रता दिलाई, क्या इन लोगों ने (भाजपा) हमें आजादी दिलाई? आंबेडकर ने हमें संविधान दिया!”

     

    साथ ही उन्होंने कहा, “आपके (भाजपा का) अपने विचार हो सकते हैं, अगर हिन्दुस्तान की 130 करोड़ जनता इस विचार से सहमत है, तो इस चुनाव में इसकी भी परीक्षा हो जाए!” वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द करने की वकालत की थी और कहा था कि अनुच्छेद 35ए “संवैधानिक रूप से कमजोर” है और राज्य के आर्थिक विकास में भी बाधा डाल रहा है! अनुच्छेद 35ए अस्थायी निवासियों को जम्मू-कश्मीर में संपत्ति खरीदने से रोकता है! जेटली की इस टिप्पणी का जम्मू-कश्मीर के कई नेताओं ने विरोध किया था!

  • कोहरे और बारिश में भी फर्राटा भरेगी रैपिड रेल

    कोहरे और बारिश में भी फर्राटा भरेगी रैपिड रेल

    मेरठ से दिल्ली तक रैपिड रेल का सफर शानदार होगा! यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम ) अपनी हाई स्पीड ट्रेनों को कलात्मक रूप से बनाएगी! जिससे यह हर मौसम का सामना कर सकेगी! धीरे धीरे ही सही भारतीय रेल की सूरत बदलने लगी है! सरकार के रेलवे में बदलाव के प्रयासों को धीरे धीरे सफलता मिलने लगी है! एक तरफ जहाँ Bullet Train जैसी परियोजनाएं चल रही है वहीँ दूसरी तरफ ट्रेन 18 के बाद अब रैपिड रेल जैसी अत्याधुनिक और तेज रफ़्तार भविष्य की तरफ भी कदम बढ़ा रहा है भारतीय रेल! आने वाला समय भारतीय रेल यात्रियों के लिए शानदार, सुखद और सुविधाजनक होने वाला है!

     

    जानिए कैसी होगी रैपिड रेल

    आरआरटीएस ट्रेन एयरोडायनामिक होंगी और 160 किमी प्रति घंटे की ऑपरेटिंग गति से चलेंगी! इस तरह के डिजाइन हवा का कम से कम प्रतिरोध करते हैं और मनचाही गति प्राप्त करने में सहायता मिलती है! 25 केवी बिजली प्रदान करने वाली ओवरहेड इलेक्टिक प्रणाली ट्रेन को बिजली की आपूर्ति करेगी! इसके अलावा, ऊर्जा बचाने के लिए, ट्रेनों में रीजनिरेटीव ब्रेकिंग सिस्टम होगा, जो ट्रेन के ब्रेक लगने पर ग्रिड को वापस ऊर्जा लौटाएगा! ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाने के लिए ईटीसीएस-2 सिगनल प्रणाली का प्रयोग होगा! ऐसी प्रणाली यह भी सुनिश्चित करेगी कि मानसून या कोहरे जैसी स्थिति में ट्रेन संचालन में बाधा न आए!

     

    अत्‍याधुनिक सुविधाओं से लैस

    Rapid Rail में नौ कोच होंगे! रैपिड रेल पूरी तरह से वातानुकूलित होगी और इसमें 2-2 आरामदायक सीटें होने के साथ-साथ, सामान रखने की जगह का भी प्रावधान होगा! मोबाइल और लैपटॉप चाजिर्ंग प्वाइंट की भी सुविधा होगी! विकलांगों, महिलाओं और बुजुर्गो के लिए सीटें स्पष्ट रूप से चिह्न्ति की जाएंगी! बिजनेस यात्रियों को अपने निजी वाहन न इस्तेमाल करने के लक्ष्य से आरआरटीएस ट्रेनों में एक विशेष बिजनेस क्लास कोच होगा! ऐसी व्यावसायिक कोच का प्रावधान होना, देश में पहली बार होगा! बिजनेस क्लास के लिए अलग एंट्री और एग्जिट गेट लगाए जाएंगे जो ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) सिस्टम जैसे क्यूआर कोड आधारित टिकट और नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) इनेबल्ड फोन द्वारा संचालित होंगे! अन्य यात्री जो बिजनेस क्लास का आनंद उठाना चाहते हैं, वह अतिरिक्त किराये का भुगतान पर यात्र कर सकेंगे!

     

    मास ट्रांजिट सिस्टम से होगा यात्रियों का प्रवेश और निकास

    बेहतर यात्री प्रबंध के लिए सराय काले खां पर दिल्ली-मेरठ, अलवर और पानीपत कॉरिडोर इंटीग्रेटेड होंगे! स्टेशन पर Rapid Rail में एंट्री और एग्जिट के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म होंगे! दरवाजे दोनों तरफ से खुलेंगे! यह देश में पहली बार होगा जहां मास ट्रांजिट सिस्टम में प्रवेश और निकास के लिए दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म होंगे! इस प्रक्रिया का पालन करने से भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सकेगा! Rapid Rail तमाम अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगी! बेहद कम समय में मेरठ से दिल्ली पहुंचाएगी! चाहे कोहरा पड़े या फिर बारिश, किसी भी मौसम में Rapid Rail की रफ्तार कम नहीं होगी!

     

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  • लंदन के कोर्ट ने दी माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी लेकिन भारत लाने में लग सकता है वक्त

    लंदन के कोर्ट ने दी माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी लेकिन भारत लाने में लग सकता है वक्त

    शराब कारोबारी विजय माल्‍या को भारत लाए जाने का रास्‍ता साफ हो गया है! लंदन की कोर्ट ने माल्‍या के प्रत्‍यर्पण को मंजूरी दे दी है! लेकिन इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि वह ऊपरी कोर्ट में अपील कर सकता है! माल्‍या को 14 दिन में फैसले के खिलाफ अपील करनी होगी! फैसला आने के बाद मामले को ब्रिटेन के गृह विभाग के पास भेज दिया गया है और अब देश के गृह मंत्री को इस पर फैसला लेना है!

     

    फैसले पर केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि “यह भारत के लिए महान दिन है! भारत को धोखा देने वाला कोई भी व्यक्ति बच नहीं पाएगा, ब्रिटेन के कोर्ट के फैसले का स्वागत है! यूपीए के दौरान एक अपराधी को फायदा हुआ, एनडीए उसे गिरफ्तार करने के लिए लाता है!” भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि पीएम को इसके लिए बधाई देनी चाहिए कि पहले की तरह आज के समय में हमारी कोई भी जांच एजेंसी ​​को अपना काम पूरा करने में कोई दिक्कत नहीं आती है! जनवरी के अंत तक, आप भारत में माल्या की वापसी की उम्मीद कर सकते हैं!’

     

    वहीं सीबीआइ ने लंदन कोर्ट के फैसले का स्वागत किया! सीबीआइ ने कहा – हम जल्द ही उसे लाने और केस को खत्म करने की उम्मीद करते हैं! हमने इस मामले पर बहुत मेहनत की, हम कानून और तथ्यों पर मजबूत थे, प्रत्यर्पण प्रक्रिया का पालन करते समय हमें इस बात का विश्वास था।

     

    हालाँकि भारत की ही तरह यूके में भी निचली और उपरी अदालतों के चक्कर में केस को लम्बा खींचने की परंपरा है! इसलिए हो सकता है की माल्या को लाने में और वक्त लग जाए! ऊपर से अंतिम फैसला गृह मंत्रालय करता है इसलिए भी अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है की इस फैसले के बावजूद माल्या को भारत लाने में और कितना वक्त लगेगा! लेकिन एक बात तो तय है की इससे हमारी एजेंसियों का मनोबल का जरुर बढ़ेगा और माल्या को भारत लाने में जरुर कामयाब होंगे!

     

    फैसला आने से पहले Vijay Mallya ने वहां मौजूद मीडिया से कहा कि कोर्ट का जो भी फैसला आएगा वह उसे मंजूर होगा! उन्होंने कहा – मैंने किसी का पैसा नहीं चुराया, मैं लोन लिया हुआ पैसा चुकाने को तैयार हूं। लोन का प्रत्यर्पण से कोई संबंध नहीं है! बैंकों की ऋण राशि का भुगतान करने के प्रस्ताव पर विजय माल्या ने कहा कि जैसा कि मैंने कहा कि कर्नाटक उच्च न्यायालय में मामला चल रहा है, इस बारे में उच्च न्यायालय को फैसला तय करने दें!

     

    माल्या ने मनी लांड्रिंग के आरोपों के बाद मार्च 2016 में देश छोड़ दिया था, तब से वह लंदन में है। भारत सरकार लगातार उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है! पिछले साल चार दिसंबर को लंदन की मजिस्ट्रेट अदालत में माल्या के खिलाफ सुनवाई शुरू हुई थी! इस बीच, हर ओर से फंदा कसता देख माल्या ने बैंकों का 100 फीसद कर्ज चुकाने का प्रस्ताव दिया! उसने बुधवार को इस संबंध में ट्वीट कर कहा था कि वह बैंकों का पूरा कर्ज चुकाने को तैयार है! उसका दावा है कि वह 2016 से ही कर्ज चुकाने का प्रस्ताव दे रहा है, लेकिन भारत सरकार ने उसके प्रस्ताव का कोई उत्तर नहीं दिया!

     

    जागरण के हवाले से खबर है की “भारतीय बैंकों से हजारों करोड़ रुपये लेकर भागे शराब कारोबारी विजय माल्या के लिए मुंबई के आर्थर रोड जेल में उच्च सुरक्षित बैरक तैयार रखी गयी है! जेल के एक अधिकारी ने कहा कि अगर Vijay Mallya Extradition के बाद भारत लाया जाता है तो उसे जेल परिसर के अंदर दो-मंजिला इमारत में स्थित एक उच्च सुरक्षा वाली बैरक में रखा जाएगा! जेल के इसी हिस्से में 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब को रखा गया था!

     

    अधिकारी ने यह भी कहा कि जेल प्रशासन माल्या को यहां अपने सुधार केंद्र में सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगर माल्या को यहां लाया जाता है तो हम उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे! अधिकारी का यह बयान तब आया था जब ब्रिटेन ने भारतीय अधिकारियों से आर्थर रोड जेल का एक वीडियो भेजने को कहा था जहां माल्या को प्रत्यर्पण के बाद रखने की योजना है! केंद्र सरकार ने भी आर्थर रोड जेल में कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन कर यूके सरकार को उसकी जानकारी दे दी थी!

  • मन की बात में आवाज मेरी लेकिन भावनाएं देश की : नरेंद्र मोदी

    मन की बात में आवाज मेरी लेकिन भावनाएं देश की : नरेंद्र मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात के माध्यम से रिकॉर्ड 50वीं बार लोगों से संवाद स्थापित किया! पहली बार 3 अक्टूबर 2014 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने Mann Ki Baat को आमजन से संवाद का माध्यम बनाया था! तब से चल रहा ये संवाद का सिलसिला आज अपना अर्धशतक पूरा कर रहा है! आइये देखते हैं मन की बात के महत्वपूर्ण पड़ाव और संवाद को!

     

    मन की बात के बात से माध्यम से अब तक समाज से जुड़े बहुत सारे मुद्दों पर संवाद स्थापित किया गया है लेकिन कुछ मुद्दे ऐसे भी रहे जो एक जन आंदोलन बन गया और लोगों ने इसमें बढ़ चढ़ कर भाग लिया! जैसे Selfie with Daughter , Swachh Bharat abhiyan और खादी के इस्तेमाल की अपील ने आम जन को खासा प्रभावित किया! एक रिपोर्ट के मुताबिक तो प्रधानमंत्री की अपील के बाद खादी के वस्त्रों की बिक्री में 120 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिली!

     

    आज के मन की बात के प्रमुख अंश:

    • मन की बात की यात्रा के आज 50 एपिसोड पूरे हो गए हैं, इस तरह आज ये गोल्डन जुबली एपिसोड है!

     

    • रेडियो जन-जन से जुड़ा हुआ है और रेडियो की बहुत बड़ी ताकत संचार की पहुंच और उसकी गहराई है, शायद रेडियो की बराबरी कोई नहीं कर सकता!

     

    • जब मैंने मई 2014 में एक ‘प्रधान-सेवक’ के रूप में कार्यभार संभाला तो मेरे मन में इच्छा थी कि देश की एकता, भव्य इतिहास, शौर्य, सांस्कृतिक विविधताएं, समाज के रगो में समाई हुई अच्छाइयां, जज़्बा, त्याग, इन बातों को जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए!

     

    • अधिकतर लोगों को लगता है कि ‘मन की बात’ का सबसे बड़ा योगदान ये है कि इसने समाज में सकारात्मकता की भावना बढ़ाई है! इसके माध्यम से बड़े पैमाने पर जन-आंदोलनों को बढ़ावा मिला है!

     

    • जब ‘मन की बात’ शुरू की थी, तभी मैंने तय किया था कि न इसमें राजनीति हो, न इसमें सरकार की वाहवाही और न इसमें कहीं मोदी हो और मेरे इस संकल्प को निभाने के लिए सबसे बड़ा संबल, सबसे बड़ी प्रेरणा आप सबसे मिली!

     

    • आपकी भेजी स्वच्छता की कहानियों ने और लोगों के ढ़ेर सारे उदाहरणों ने, न जाने कब घर-घर में एक नन्हा स्वच्छता का ब्रांड एम्बेसडर खड़ा कर दिया है, जो घरवालों को भी टोकता है और कभी-कभी फोन कॉल कर प्रधानमंत्री को भी आदेश देता है!

     

    • कब किसी सरकार की इतनी ताक़त होगी कि #SelfieWithDaughter की मुहिम हरियाणा के एक छोटे से गांव से शुरू होकर पूरे देश में ही नहीं, विदेशों में भी फैल जाए!

     

    • भारत जैसे देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए जन-सामान्य की प्रतिभाएं पुरुषार्थ को उचित स्थान मिले, यह हम सबका एक सामूहिक दायित्व है और ‘मन की बात’ इस दिशा में एक नम्र और छोटा सा प्रयास है: पीएम मोदी

     

    • भारत का मूल-प्राण राजनीति नहीं है, भारत का मूल-प्राण राजशक्ति भी नहीं है, भारत का मूल-प्राण समाजनीति है और समाज-शक्ति है!

     

    • संविधान सभा के बारे में बात करते हुए उस महापुरुष का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता जो संविधान सभा के केंद्र में रहे! ये महापुरुष थे पूजनीय डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर! 6 दिसम्बर को उनका महा-परिनिर्वाण दिवस है! मैं सभी देशवासियों की ओर से बाबा साहब को नमन करता हूँ!

     

    • बाबा साहब कहते थे कि हम भारतीय भले ही अलग-अलग समुदाय के हों, लेकिन हमें सभी चीज़ों से ऊपर देशहित को रखना होगा! India First डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर का यही मूलमंत्र था! एक बार फिर पूज्य बाबा साहब को विनम्र श्रद्धांजलि!

     

    • लोकतंत्र बाबा साहब के स्वभाव में रचा-बसा था, वो कहते थे कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्य कहीं बाहर से नहीं आए हैं! संविधान सभा में उन्होंने एक बहुत भावुक अपील की थी कि इतने संघर्ष के बाद मिली स्वतंत्रता की रक्षा हमें अपने खून की आखिरी बूँद तक करनी है!

     

    • पीएम मोदी ने सभी राज्य सरकारों और केन्द्रीय शासित प्रदेशों से अगले वर्ष गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती समारोह को भव्य रूप से मनाने का अनुरोध किया, उन्होंने यह भी कहा कि इसका रंग देश ही नहीं, दुनिया-भर में बिखरेगा!

     

    • गुरु नानक जी से जुड़े पवित्र स्थलों के मार्ग पर एक ट्रेन भी चलाई जाएगी! भारत सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर बनाने का एक बड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, ताकि हमारे देश के यात्री आसानी से पाकिस्तान के करतारपुर में गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थल पर दर्शन कर सकें!
  • दिवाली और छठ पूजा को देखते हुए 78 स्पेशल ट्रेन चलाएगा रेलवे

    दिवाली और छठ पूजा को देखते हुए 78 स्पेशल ट्रेन चलाएगा रेलवे

    दिवाली और छठ पूजा में घर जाने के लिए टिकट की कमी से जूझ रहे यात्रियों को ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे 78 विशेष ट्रेनों के माध्यम से त्योहारी सीजन में 2.2 लाख अतिरिक्त बर्थ जोड़ रही है! जोन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच 78 विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं! ये ट्रेनें त्योहारी सीजन में 519 फेरे लगाएंगी!

     

    इन विशेष ट्रेनों के सभी फेरों को मिला लिया जाए तो उत्तर रेलवे जोन में विभिन्न गंतव्यों तक जाने वाली ट्रेनों में 2.2 लाख से भी ज्यादा सीटें जुड़ जाएंगी! सभी विशेष ट्रेनों को उनकी रवानगी के वक्त से कम से कम 30 मिनट पहले प्लेटफॉर्म पर लगाया जाएगा ताकि यात्री आराम से उनमें चढ़ सकें!

     

    जी रिपोर्ट में बताया गया है कि रेलवे बोर्ड ने उत्तर रेलवे को निर्देश दिया है कि वह इन विशेष ट्रेनों के समय पर गंतव्य तक पहुंचने पर ध्यान दे! इस वर्ष दिवाली सात नवंबर, बुधवार को जबकि छठ पूजा 13 नवंबर को है!

     

    वैसे तो दोनों त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाए जाते हैं, लेकिन छठ पूजा खास तौर से बिहार और उत्तर प्रदेश में खास मनाई जाती है! और दिल्ली जैसे महानगर में बिहार और उत्तरप्रदेश के लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है और त्योहार के दौरान अधिकतर लोग सपरिवार अपने गांव जाते हैं, इसलिए दिवाली और छठ में दिल्ली से बिहार और उत्तरप्रदेश जाने वाले यात्रियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हो जाता है, जिससे निपटने और यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए रेलवे ने ये प्लान बनाया है!

     

    सामान्य दिनों में दिल्ली के सभी स्टेशनों से औसतन साढ़े आठ लाख यात्री रोजाना यात्रा करते हैं, लेकिन त्योहारी सीजन में सिर्फ नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन से ही करीब छह लाख लोग रोजाना यात्रा करते हैं! सामान दिनों में आनंद विहार टर्मिनल से करीब 50 हजार लोग यात्रा करते हैं जिनकी संख्या त्योहारों में बढ़कर 80 हजार हो जाती है!

     

    वैसे special train के समय सारणी के बारे में अभी ज्यादा नहीं बताया गया है लेकिन आप रेलवे के ऑफिसियल पोर्टल या irctc के साईट से चेक कर सकते हैं पूजा special train को!

  • RPI अध्यक्ष केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों के लिए आरक्षण की मांग की

    RPI अध्यक्ष केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों के लिए आरक्षण की मांग की

    केंद्रीय मंत्री RPI के अध्यक्ष दलित नेता Ramdas Athawale ने पटना में आयोजित श्रीकृष्ण सिंह जयंती समारोह में कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णो को भी आरक्षण मिलना चाहिए! अठावले कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार की बैठक में इसकी मांग की है!

     

    पटना के श्री कृष्ण सिंह मेमोरियल हॉल में आयोजित Srikrishna Singh Jayanti समारोह और कृषक समागम समारोह को संबोधित करते हुए अठावले ने कहा कि सवर्णों में भी बड़ी आबादी ऐसी है जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है, और उन्हें भी सहयोग की जरूरत है!

     

    उन्होंने कहा कि व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि सवर्णों को 25 प्रतिशत आरक्षण मिले! आठावले ने कहा की एससी एसटी को मिल रहे आरक्षण की सुविधा में बगैर छेड़छाड़ किए आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण मिलना चाहिए!”

     

    केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राजग सरकार कभी भी दलित विरोधी नहीं रही है! उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में 300 सीटों पर जीत दर्ज करनी है और एकबार फिर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है! बिहार को महापुरुषों की धरती बताते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार श्रीकृष्ण सिंह के सपने के पूरा करने के लिए ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र के साथ आगे बढ़ रही है!

     

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूबे के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि इस समाज की रक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार केंद्र से लेकर राज्य तक करेगी! सुशील मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के लोगों को श्री कृष्ण सिंह का नाम तक लेने का अधिकार नहीं है!

  • कांग्रेस के लिए 2019 में अकेले दम पर सत्ता में आना मुश्किल: सलमान खुर्शीद

    कांग्रेस के लिए 2019 में अकेले दम पर सत्ता में आना मुश्किल: सलमान खुर्शीद

    कांग्रेस पार्टी के वरिष्ट नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री Salman Khurshid ने एक न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए कहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में अकेले दम पर कांग्रेस पार्टी का सत्ता में आना कठिन है! विपक्षी पार्टियों का गठबंधन कांग्रेस को रोकने के लिए नहीं बल्कि भाजपा को रोकने के लिए बनना चाहिए!

     

    खुर्शीद ने कहा – Loksabha Chunav 2019 में भाजपा को हराने के लिए अन्य दलों को भी बलिदान और समझौते करने होंगे! कांग्रेस के सभी नेता अच्छी तरह से समझ गए हैं कि देश की सत्ता को बदलने के लिए गठबंधन बहुत जरूरी है और गठबंधन के लिए जो भी बलिदान, समझौते या बातचीत जरूरी होगा, उसके लिए Congress Party तैयार है! यह तभी संभव है जब दूसरे दल भी इस तरह का सामंजस्य दिखाना होगा!

     

    आज की स्थिति देखते हुए यह कठिन है की  हम अकेले दम पर सरकार बनाने की सोचें! अगर हम अकेले दम पर सरकार बनाने की सोचते हैं, तो उसके लिए हमें पांच साल तक काम करना होगा क्योंकि पिछले तीन साल से कांग्रेस गठबंधन के लिए काम कर रही है। कांग्रेस अब अकेले चुनाव लड़ने के बारे में नहीं सोच सकती, इसके लिए हमें पांच साल तक लड़ना पड़ेगा!

     

    खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है, जो देश भर से सीटें जीतेगी! बाकी सहयोगी पार्टियां अपने अपने राज्य से जीत हासिल करेंगी! उन्होंने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में बसपा और सपा से गठबंधन न होने को लेकर कहा कि महागठबंधन बनाने का उद्देश्य भाजपा को रोकने का है! ऐसे में अगर विपक्षी पार्टियां अपना लक्ष्य भूल जाए तो महागठबंधन नहीं बन पाएगा! यह सभी पार्टियों और देश के लिए बड़ी हार होगा!

     

    सलमान खुर्शीद का बयान ये दर्शाने के लिए काफी है की Congress Party को न तो खुद पर Loksabha Election 2019 को लेकर ज्यादा आत्मविश्वास है और न ही अपने नेता Rahul Gandhi से ज्यादा उम्मीद! अब अगर General Election 2019 में Narendra Modi जैसे लोकप्रिय नेता से मुकाबला करना है तो कांग्रेस की आखिरी उम्मीद महागठबंधन ही है! महागठबंधन ही है जो कांग्रेस की डूबती नैय्या को किनारे लगा सकती है!

     

    वैसे महागठबंधन भी कांग्रेस की नैय्या को कितना किनारे लगा पाएगी ये कहा नहीं जा सकता! क्योंकि उप्र चुनाव में “यूपी को ये साथ पसंद है” वाले महागठबंधन का हाल सब देख चुके हैं! तब महागठबंधन के रणनीतिकार रहे Prashant Kishor यानि PK का कहना है की ऐसा हाल इसलिए हुआ की दूल्हा दुल्हन गायब हो गए और पूरा बारात का भार आयोजकों को ही उठाना पड़ा! तो क्या गारंटी है की इस बार दूल्हा दुल्हन न भागे?