• ENGLISH
  • JaiTV
  • Login
GANGA NEWS
  • होम
  • देश
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • तकनीक
  • विचार
  • बिज़नेस
  • विडियो
  • व्यक्ति
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • दिल्ली NCR
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • कर्नाटक
    • असम
  • अन्य
    • फैशन
    • खेल
    • जानकारी
    • अपराध
    • ब्रेकिंग न्यूज़
    • विज्ञान
    • स्वास्थ्य
    • शिक्षा
No Result
View All Result
GANGA NEWS
  • होम
  • देश
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • तकनीक
  • विचार
  • बिज़नेस
  • विडियो
  • व्यक्ति
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • दिल्ली NCR
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • कर्नाटक
    • असम
  • अन्य
    • फैशन
    • खेल
    • जानकारी
    • अपराध
    • ब्रेकिंग न्यूज़
    • विज्ञान
    • स्वास्थ्य
    • शिक्षा
No Result
View All Result
GANGA NEWS
No Result
View All Result
Home शिक्षा

भारतीय संविधान की प्रस्तावना अथवा उद्देशिका

by Ganga Info Desk
1 March 2020
in शिक्षा

Image Courtesy : IBN

TwitterFacebookWhatsappThreads

नेहरु द्वारा प्रस्तुत उद्देश्य संकल्प में जो आदर्श प्रस्तुत किया गया, उन्हें ही संविधान की उद्देशिका में शामिल कर लिया गया! इस प्रस्तावना को सर्वप्रथम अमेरिकी संविधान में शामिल किया गया था, इसके बाद कई देशों ने इसे अपनाया है! संविधान विशेषज्ञ नानी पालकीवाला ने संविधान की प्रस्तावना को संविधान का परिचय पत्र कहा है! संविधान के 42वें संसोधन द्वारा संशोधित होने के बाद यह निम्न प्रकार है –

 

“हम भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्वसंपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समानता प्राप्त करने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 जनवरी 1949 ई० (मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद् द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं!”

RelatedPosts

Augmented Reality : चिकित्सा शिक्षा में संवर्धित वास्तविकता की संभावना

हृदय की शारीरिक रचना और यह पूरे शरीर में रक्त कैसे पंप करता है

वायु प्रदूषण का मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव

 

संशोधन : संविधान की प्रस्तावना को संविधान की कुंजी कहा जाता है! संविधान के अधीन समस्त शक्तियों का केंद्रबिंदु ‘भारत के लोग’ हैं! प्रस्तावना को न्यायालय में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है! जहाँ संविधान की भाषा संदिग्ध हो, वहाँ प्रस्तावना विधिक निर्वाचन में सहायता करती है! इसमें विधायिका संसोधन कर सकती है! 1976 ई० में 42वें संसोधन के द्वारा इसमें ‘समाजवादी’, ‘पंथनिरपेक्ष’ और ‘राष्ट्र की अखंडता’ शब्द जोड़ा गया!

 

प्रस्तावना के चार घटक इस प्रकार हैं :

  1. यह इस बात की ओर इशारा करता है कि संविधान के अधिकार का स्रोत भारत के लोगों के साथ निहित है।
  2. यह इस बात की घोषणा करता है कि भारत एक, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणतंत्र राष्ट्र है।
  3. यह सभी नागरिकों के लिए न्याय, स्वतंत्रता, समानता को सुरक्षित करता है तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए भाईचारे को बढ़ावा देता है।
  4. इसमें उस तारीख (26 नवंबर 1949) का उल्लेख है जिस दिन संविधान को अपनाया गया था!

और पढ़ें : भारतीय संविधान द्वारा प्रदात मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य

 

प्रस्तावना के मूल शब्दों की व्याख्या इस प्रकार है :

संप्रभुता (Sovereignty) : प्रस्तावना यह दावा करती है कि भारत एक संप्रभु देश है। सम्प्रुभता शब्द का अर्थ है कि भारत किसी भी विदेशी और आंतरिक शक्ति के नियंत्रण से पूर्णतः मुक्त सम्प्रुभता सम्पन्न राष्ट्र है। भारत की विधायिका को संविधान द्वारा तय की गयी कुछ सीमाओं के विषय में देश में कानून बनाने का अधिकार है।

 

समाजवादी (Socialist): समाजवादी शब्द संविधान के 1976 में हुए 42 वें संशोधन अधिनियम द्वारा प्रस्तावना में जोड़ा गया। समाजवाद का अर्थ है समाजवादी की प्राप्ति लोकतांत्रिक तरीकों से होती है। भारत ने ‘लोकतांत्रिक समाजवाद’ को अपनाया है। लोकतांत्रिक समाजवाद एक मिश्रित अर्थव्यवस्था में विश्वास रखती है जहां निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्र कंधे से कंधा मिलाकर सफर तय करते हैं। इसका लक्ष्य गरीबी, अज्ञानता, बीमारी और अवसर की असमानता को समाप्त करना है!

 

धर्मनिरपेक्ष (Secular): धर्मनिरपेक्ष’ शब्द संविधान के 1976 में हुए 42वें संशोधन अधिनियम द्वारा प्रस्तावना में जोड़ा गया। भारतीय संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द का अर्थ है कि भारत में सभी धर्मों को राज्यों से समानता, सुरक्षा और समर्थन पाने का अधिकार है। संविधान के भाग III के अनुच्छेद 25 से 28 एक मौलिक अधिकार के रूप में धर्म की स्वतंत्रता को सुनिश्चत करता है।

 

लोकतांत्रिक (Democratic): लोकतांत्रिक शब्द का अर्थ है कि संविधान की स्थापना एक सरकार के रूप में होती है जिसे चुनाव के माध्यम से लोगों द्वारा निर्वाचित होकर अधिकार प्राप्त होते हैं। प्रस्तावना इस बात की पुष्टि करती हैं कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जिसका अर्थ है कि सर्वोच्च सत्ता लोगों के हाथ में है। लोकतंत्र शब्द का प्रयोग राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक लोकतंत्र के लिए प्रस्तावना के रूप में प्रयोग किया जाता है। सरकार के जिम्मेदार प्रतिनिधि, सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार, एक वोट एक मूल्य, स्वतंत्र न्यायपालिका आदि भारतीय लोकतंत्र की विशेषताएं हैं।

 

गणराज्य (Republic): एक गणतंत्र अथवा गणराज्य में, राज्य का प्रमुख प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लोगों द्वारा चुना जाता है। भारत के राष्ट्रपति को लोगों द्वारा परोक्ष रूप से चुना जाता है; जिसका अर्थ संसद औऱ राज्य विधानसभाओं में अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से है। इसके अलावा, एक गणतंत्र में, राजनीतिक संप्रभुता एक राजा की बजाय लोगों के हाथों में निहित होती है।

 

न्याय (Justice) : प्रस्तावना में न्याय शब्द को तीन अलग-अलग रूपों में समाविष्ट किया गया है- सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक, जिन्हें मौलिक और नीति निर्देशक सिद्धांतों के विभिन्न प्रावधानों के माध्यम से हासिल किया गया है। प्रस्तावना में सामाजिक न्याय का अर्थ संविधान द्वारा बराबर सामाजिक स्थिति के आधार पर एक अधिक न्यायसंगत समाज बनाने से है। आर्थिक न्याय का अर्थ समाज के अलग-अलग सदस्यों के बीच संपति के समान वितरण से है जिससे संपति कुछ हाथों में ही केंद्रित नहीं हो सके। राजनीतिक न्याय का अर्थ सभी नागरिकों को राजनीतिक भागीदारी में बराबरी के अधिकार से है। भारतीय संविधान प्रत्येक वोट के लिए सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार और समान मूल्य प्रदान करता है।

 

स्वतंत्रता (Liberty) : स्वतंत्रता का तात्पर्य एक व्यक्ति जो मजबूरी के अभाव या गतिविधियों के वर्चस्व के कारण तानाशाही गुलामी, चाकरी, कारावास, तानाशाही आदि से मुक्त या स्वतंत्र कराना है।

 

समानता (Equality) : समानता का अभिप्राय समाज के किसी भी वर्ग के खिलाफ विशेषाधिकार या भेदभाव को समाप्त करने से है।संविधान की प्रस्तावना देश के सभी लोगों के लिए स्थिति और अवसरों की समानता प्रदान करती है। संविधान देश में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता प्रदान करने का प्रयास करता है।

 

भाईचारा (Fraternity) : भाईचारे का अर्थ बंधुत्व की भावना से है। संविधान की प्रस्तावना व्यक्ति और राष्ट्र की एकता और अखंडता की गरिमा को बनाये रखने के लिए लोगों के बीच भाईचारे को बढावा देती है।

 

सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रस्तावना की व्याख्या :

संविधान में प्रस्तावना को तब जोड़ा गया था जब बाकी संविधान पहले ही लागू हो गया था। बेरूबरी यूनियन के मामले में (1960) सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है। हालांकि, यह स्वीकार किया गया कि यदि संविधान के किसी भी अनुच्छेद में एक शब्द अस्पष्ट है या उसके एक से अधिक अर्थ होते हैं तो प्रस्तावना को एक मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

केशवानंद भारती मामले (1973) में सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के फैसले को पलट दिया और यह कहा कि प्रस्तावना संविधान का एक हिस्सा है और इसे संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संशोधित किया जा सकता है लेकिन इसके मूल ढांचे में परिवर्तन नहीं किया जा सकता है! एक बार फिर, भारतीय जीवन बीमा निगम के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा कि प्रस्तावना संविधान का एक हिस्सा है।

और पढ़ें : भारतीय संविधान में अब तक किए गे प्रमुख संशोधन

 

उम्मीद है ये रोचक पोस्ट आपको जरुर पसंद आया होगा! पोस्ट को पढ़ें और शेयर करें (पढाएं) तथा अपने विचार, प्रतिक्रिया, शिकायत या सुझाव से नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हमें अवश्य अवगत कराएं! आप हमसे हमसे  ट्विटर  और  फेसबुक  पर भी जुड़ सकते हैं!

Tags: constitutiongeneral knowledgeउद्देशिकाप्रस्तावनाभारतीय संविधानसामान्य ज्ञान
Previous Post

भारत के संबंध में विदेशी यात्रियों से मिलने वाली प्रमुख जानकारी

Next Post

भारतीय संविधान की अनुसूचियां एवं प्रमुख भाग

Related Posts

general knowledge samanya gyan ganga news

विभिन्न क्षेत्रों में भारत और विश्व में प्रथम व्यक्ति तथा विभिन्न विषय

9 April 2022

भारत के प्रमुख वन्य जीव अभ्यारण्य और राष्ट्रिय उद्यान

9 April 2022

भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना

9 April 2022
general knowledge samanya gyan ganga news

भारत की प्रमुख झीलें एवं भारत के प्रमुख जलप्रपात

9 April 2022

भारत के प्रमुख बाघ अभ्यारण्य कौन कौन हैं

21 March 2022
general knowledge samanya gyan ganga news

भारत के प्रमुख स्थानों के भौगोलिक उपनाम

21 March 2022
Next Post

भारतीय संविधान की अनुसूचियां एवं प्रमुख भाग

Recent News

Surya Chauhan Case | पुलिस ने सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में मार गिराया

Surya Chauhan Case | पुलिस ने सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में मार गिराया

31 May 2026
Seerat Kapoor | मैजेंटा कूट्योर गाउन में सीरत कपूर दिखीं बेहद ग्लैमरस

Seerat Kapoor | मैजेंटा कूट्योर गाउन में सीरत कपूर दिखीं बेहद ग्लैमरस

30 May 2026
धावक गुरिंदरवीर सिंह ने तोड़ा 100 मीटर दौड़ का नेशनल रिकॉर्ड | Gurindervir Singh

धावक गुरिंदरवीर सिंह ने तोड़ा 100 मीटर दौड़ का नेशनल रिकॉर्ड | Gurindervir Singh

24 May 2026
सम्राट चौधरी से मिले गौतम अदाणी, बिहार में 60,000 करोड़ के निवेश का ऐलान

सम्राट चौधरी से मिले गौतम अदाणी, बिहार में 60,000 करोड़ के निवेश का ऐलान

17 May 2026
स्मृति शेषः आशा जी की मधुर और सुरमयी आवाज सदा दिलों में अमर रहेगी

स्मृति शेषः आशा जी की मधुर और सुरमयी आवाज सदा दिलों में अमर रहेगी

12 April 2026
नया वर्ष 2026 : आत्ममंथन, संकल्प और मोदी सरकार की अग्नि-परीक्षा

नया वर्ष 2026 : आत्ममंथन, संकल्प और मोदी सरकार की अग्नि-परीक्षा

15 January 2026
  • अबाउट
  • प्राइवेसी
  • संपर्क
  • विज्ञापन
FOLLOW US

© GANGA NEWS

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
DTV
  • होम
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • तकनीक
  • फैशन
  • लाइफस्टाइल
  • विज्ञान
  • खेल
  • जानकारी
  • बिज़नेस
  • व्यक्ति
  • शिक्षा
  • विडियो

© GANGA NEWS