Category: उत्तर प्रदेश

  • Surya Chauhan Case | पुलिस ने सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में मार गिराया

    Surya Chauhan Case | पुलिस ने सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में मार गिराया

    Surya Chauhan Case | इंदिरापुरम के अभय खंड में पुलिस ने सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में मार गिराया है। गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में, बकरीद के दिन एक हिन्दू सूर्या चौहान की हत्या कर दी गयी थी। हत्या के बाद से ही मुख्य आरोपी असद फरार चल रहा था।

     

    गाजियाबाद पुलिस को बीती देर रात एक पुख्ता सूचना मिली थी। जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने किसी दोस्त से पैसे लेने के लिए खोड़ा इलाके में आने वाला था। पैसे लेने के बाद, उसका प्लान शहर छोड़कर भागने का था।

     

    सूचना मिलते ही खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस ने असद को दबोचने के लिए संयुक्त अभियान चलाया और इलाके में घेराबंदी कर दी। कुछ ही समय बाद असद एक दूसके व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां पहुंचा, तो पुलिस उसे चारो तरफ से घेर लिया।

     

    जिसके बाद असद ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक कांस्टेबल घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद को गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी असद को पकड़ लिया। लेकिन, मुठभेड़ के दौरान लगी गोली के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान, असद की मौत हो गई है।

  • SC/ST Act और योजनाओं का दुरुपयोग कर एक महिला ने वसूले 46 लाख रूपये, दस साल में 15 फर्जी मुकदमें

    SC/ST Act और योजनाओं का दुरुपयोग कर एक महिला ने वसूले 46 लाख रूपये, दस साल में 15 फर्जी मुकदमें

    अलीगढ़ में चंद्रावती देवी और उसके परिवार ने SC/ST Act और योजनाओं का दुरुपयोग कर 10 सालों में 15 झूठे केस दर्ज कराए और मुआवजे के तौर पर सरकार से करीब 46 लाख रुपए हड़प लिए। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक बेहद चौंकाने और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अलीगढ़ के हस्तपुर गाँव की रहने वाली एक महिला चंद्रावती देवी और उनके परिवार पर आरोप है कि उन्होंने अनुसूचित जाति के शोषण को रोकने के लिए बनाए गए कानून SC/ST Act और अनुसूचित जाति के लिए बनी विभिन्न योजनाओं का गलत फायदा उठाकर करीब 46 लाख रुपए की रकम हड़प ली। आइए जानते हैं विस्तार से की पूरा मामला क्या है?

     

    भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का कहना है कि पिछले 10 सालों में चंद्रावती देवी और उनके परिवार के खिलाफ 15 अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं। इनमें से कई मामले SC/ST एक्ट, 1989 के तहत दर्ज हुए हैं। इस कानून के तहत, पीड़ितों को आर्थिक सहायता और कानूनी सुरक्षा दी जाती है। जांच में ये आरोप लगा है कि चंद्रावती और उनका परिवार बार-बार झूठे केस दर्ज कर इन योजनाओं का लाभ उठाता रहा और अब तक करीब 46 लाख रुपए की रकम हासिल कर चुका है।

     

    राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ अर्चना मजूमदार ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना को पत्र लिखा है। उन्होंने इस मामले की गहन जाँच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। NCSC अब इस मामले की जाँच करेगा। SC/ST Act का दुरुपयोग करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। यदि कोई व्यक्ति झूठा मुकदमा दर्ज कराता है या सरकारी मदद लेता है, तो उसे 6 महीने से 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, यदि वित्तीय धोखाधड़ी साबित होती है, तो उस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई हो सकती है, जिसमें 7 साल की सजा और संपत्ति जब्ती भी शामिल है।

     

    सरकारी योजनाओं से धन उगाही या लोगों से वसूली का ये कोई पहला मामला नहीं है। 2018 में भी अलीगढ़ में ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहाँ एक दलित परिवार ने झूठे केस से 3 लाख रुपए मुआवजा लिया था। यह मामला सिर्फ एक गाँव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश में SC/ST योजनाओं के दुरुपयोग की गंभीरता को उजागर करता है। इस तरह धन वसूली के लिए इस कानून के दुरुपयोग का मामला अब आम हो चूका है! इस कानून का उपयोग शोषण रोकने या क़ानूनी सहायता में कम और शोषण करने और धन सोधन में ज्यादा हो रहा है! मामला चाहे कुछ भी हो, लोगों को इस एक्ट की धमकी देकर डराया जाता है! इस कानून का दुरुपयोग अब इतना विकराल रूप ले चूका है की अब समाज में इसे आम तौर इसे समाज में वसूली एक्ट का नाम दिया जाने लगा है!

     

    SC/ST Act का दुरुपयोग न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह सामाजिक न्याय की अवधारणा को भी कमजोर करता है। ऐसे मामलों से न सिर्फ वास्तविक पीड़ितों को समय पर न्याय और सहायता मिलने में बाधा उत्पन्न होती है, बल्कि समाज के अन्य वर्गों में समानता के संवैधानिक अधिकार के प्रति अविश्वास पैदा होता है. ऐसे मामले संविधान और न्याय व्यस्था में उम्मीद को भी कमजोर करता है. इस तरह के मामले से समाज में भाईचारे भी कमजोर होता है, और आपसी सामजिक वैमनस्य को भी जन्म होता है।

     

    अब समय की मांग है की सरकार को इस तरह के योजनाओं की सख्त निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया अपनानी चाहिए, ताकि वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक मदद तो पहुँचे लेकिन धोखेबाज लोग इस तरह के फर्जीवाड़ा और वसूली को अपना धंधा न बना सकें। इसके आलावा ऐसी व्यवस्था भी बने, जिसमें दलितों को शोषण से सुरक्षित भी रखा जा सके, लेकिन वर्तमान SC ST Act का दुरुपयोग किसी निर्दोष को फंसाने या धन उगाही के लिए भी न हो!

  • HM Amit Shah ने CM Yogi Adityanath की मौजूदगी नवनियुक्त पुलिस कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र सौंपा

    HM Amit Shah ने CM Yogi Adityanath की मौजूदगी नवनियुक्त पुलिस कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र सौंपा

    HM Amit Shah ने CM Yogi Adityanath की मौजूदगी नवनियुक्त पुलिस कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र सौंपा : लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नएचयनित लगभग 60 हजार से ऊपर उत्तरप्रदेश के पुलिस आरक्षियों को नियुक्ति पत्र दिया. इस दौरान उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे.

  • दुनिया के सात अजूबों में शामिल ‘ताजमहल’ के ये राज, आप नहीं जानते होंगे | Taj Mahal

    Taj Mahal | ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में शामिल है। इसकी खूबसूरती और नक्काशी इतनी बारीकी से की गई है कि देखने वाला देखता रह जाता है। यही वजह है कि हर साल ताजमहल देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है। अब तक आपने ताजमहल को लेकर कई तरह की बातें सुनी होगी। आज हम आपको बताएंगे ताजमहल से जुड़े कुछ ऐसे राज जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। आज हम ताजमहल में बंद उन 22 कमरों के बारे में भी बात करने वाले हैं जो कई सालों से बंद है। लोग यह तक नहीं जानते हैं कि इन बंद कमरों में देवी देवता की मूर्तियां है या फिर किसी तरह का कोई शिलालेख है? तो चलिए जानते हैं ताजमहल से जुड़े कुछ अनसुने रहस्य.

     

    इतिहास के पन्नों को यदि पलटा जाए तो ताजमहल को शाहजहां ने मुमताज के लिए बनवाया था लेकिन आज भी इस ताजमहल को लेकर यह सवाल उठते रहे हैं कि आखिर यह ताजमहल शाहजहां ने बनवाया था या किसी और ने? ताजमहल को प्रेम का प्रतीक माना जाता है क्योंकि ऐसा कहा जाता है की शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की याद में इस ताजमहल को बनाया था। हालाँकि कई लोगों का यह भी मानना है कि ताजमहल को शाहजहां ने नहीं बल्कि किसी और ने बनवाया था लेकिन अंत में इसमें हेरा फेरी करके इसे इस्लामिक लुक दे दिया गया।

     

    मशहूर शोधकर्ता और इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक ने अपनी किताब ‘ताजमहल के रहस्य’ से पर्दा उठाया। उन्होंने इस किताब में इस बात का भी जिक्र किया है कि शाहजहां ने अपनी लूट की दौलत यहां पर छुपाए रखी है और उसके बाद इसे एक कब्र में तब्दील कर दिया।

     

    यही नहीं इस किताब को पढ़ने के बाद यह भी सवाल खड़े होते हैं कि यदि शाहजहां ने यहां पर मुमताज को दफनाया होता तो इतिहास में ताजमहल में मुमताज को किस दिन शाही ठाट-बाठ के साथ दफनाया गया, इसका उल्लेख जरूर होता लेकिन इसका उल्लेख कहीं भी नहीं मिलता है जिसके बाद तरह-तरह के सवाल सामने आते हैं।

     

    यही नहीं बल्कि यह तक कहा जाता है कि शाहजहां ने जीवित मुमताज के लिए एक भी निवास या महल नहीं बनाया तो फिर उनके मरने के बाद यहां पर भव्य महल क्यों बनाएगा? कहा जाता है कि शहंशाह के लिए मुमताज के कोई मायने नहीं थे क्योंकि जिस जगह वह रहते थे उनके आसपास हजारों सुंदर स्त्रियां रहती थी, ऐसे में सिर्फ मुमताज के लिए ताजमहल बनवाना कोई और चाल हो सकती है। इस किताब में ऐसे ही ढेर सारे सवाल लिखे गए हैं जो इंसान को सोचने पर मजबूर कर देता है।

     

    आगरा से 600 किलोमीटर दूर बुरहानपुर में मुमताज की कब्र देखने को मिलती है जो आज भी वैसी की वैसी है। ऐसा कहा जाता है कि बुरहानपुर से मुमताज का शव लाया गया और उसे ताजमहल के नीचे दफनाया गया। ताजमहल का निर्माण ईंटों, लाल पत्थरों और सफेद संगमरमर से हुआ है। इसकी जालियों पर की गई बारीकी आज भी लोगों का ध्यान खींचती है। यही वजह है कि ताजमहल दुनिया के सबसे चर्चित पर्यटन स्थल में से एक है और हर रोज इसे देखने वालों की भीड़ बनी रहती है।

     

    ताजमहल में करीब 22 कमरे हैं जो बंद है। कहा जाता है कि, मुख्य मकबरे और चमेली फर्श के नीचे 22 कमरे हैं जो मुगल काल से बंद है। रिपोर्ट कि माने तो इन कमरों को आखिरी बार 1934 के समय खोला गया था, उस दौरान भी केवल इन्हें निरीक्षण के लिए खोला गया जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया, और आज तक इन कमरों को नहीं खोला गया। इन कमरों में क्या है इसका राज कोई नहीं जानता! इतना ही नहीं, ताजमहल के फर्श पर यमुना की और बनी दो सीढ़ियां भी है जिनके ऊपर लोहे का जाल बिछा दिया गया।

     

    कई लोगों का ऐसा मानना है कि ताजमहल के बेसमेंट में जो कमरे बने हुए हैं वह मार्बल के बने हैं। ऐसा कहा जाता है कि तहखाना में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है तो कैल्शियम कार्बोनेट में बदल सकती है और कार्बोनेट डाइऑक्साइड मार्बल्स को पाउडर का रूप देना शुरू कर देते हैं, और शायद इसी वजह से इन कमरों को बंद किया गया है ताकि ताजमहल की दीवारों को किसी प्रकार के नुकसान से बचाया जा सके। इसके अलावा भी ताजमहल को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होते हैं जिनका जवाब अब तक कोई नहीं जान पाया है। हालाँकि इन सभी कहानियों के बीच यहां पर आज भी इसे मोहब्बत के प्रतिक के रूप में देखने वालों की भीड़ लगी रहती है।

     

    यदि आप अभी तक ताजमहल नहीं गए हैं और ताजमहल की खूबसूरती को करीब से निहारना चाहते हैं तो आपको जानकारी दे दूँ की यहां पर जाने के लिए कई रास्ते हैं। यदि आप आगरा पहुंचने का सबसे तेज रास्ता ढूंढते है तो इसमें हवाई मार्ग पहले नंबर पर है। आगरा का अपना हवाई अड्डा है जो शहर से लगभग 7 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा रेल के माध्यम से भी आप जा सकते हैं। आगरा को देश के कई हिस्सों से जोड़ने वाली ट्रेनों का अच्छा नेटवर्क है। यहां पर आगरा के मुख्य रेलवे स्टेशन के अलावा दो अन्य स्टेशन भी है जिनका नाम राजा की मंडी और आगरा का किला स्टेशन है। यदि आप बस से जाना चाहते हैं तो आगरा के लिए कई महत्वपूर्ण शहरों से नियमित बस चलती है।

    अगर आप आगरा घुमने के लिए जाने का प्लान करने वाले हैं तो आपको बता दूँ की आगरा में ताजमहल के अलावा फतेहपुर सीकरी, आगरा किला, मेहता बाग जैसे कई स्मारक है। आप यहां भी घूम सकते हैं। आगरा में आपको इतिहास, संस्कृति और सुंदरता का एक आदर्श मिश्रण देखने को मिलेगा जो आपके सफर को रोमांचक कर सकता है।

  • उदास मौसम बदल रहा है, धुंए का पर्वत पिघल रहा है, दिलों में लावा उबल रहा है | Imran Pratapgarhi

    उदास मौसम बदल रहा है, धुंए का पर्वत पिघल रहा है, दिलों में लावा उबल रहा है | Imran Pratapgarhi

    गुजरात के कांग्रेस अधिवेशन में इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने भाषण में कहा – उदास मौसम बदल रहा है, धुंए का पर्वत पिघल रहा है, दिलों में लावा उबल रहा है, सुबह सुबह जब हुजूम लेकर सफ़र पर निकले तो यु लगे है की जैसे सूरज निकल रहा है, वो चल रहा है, वो चल रहा है | Imran Pratapgarhi Speech in Congress Gujarat Adhivesh

  • कांटें गुल के साथ नहीं चल सकते हैं, सब राहुल के साथ नहीं चल सकते हैं : Imran Pratapgarhi

    कांटें गुल के साथ नहीं चल सकते हैं, सब राहुल के साथ नहीं चल सकते हैं : Imran Pratapgarhi

    गुजरात के कांग्रेस अधिवेशन में इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने भाषण में कहा – काटें गुल के साथ नहीं चल सकते हैं, बुझदिल खुलके साथ नहीं चल सकतें हैं, रस्ते में जो छोड़ गया उसे जाने दो, सब राहुल के साथ नहीं चल सकते हैं | Imran Pratapgarhi Speech in Congress Gujarat Adhivesh

  • राज-रहस्यों से भरा है सोनभद्र का ये ऐतिहासिक किला, पूर्णिमा के दिन अपने आप बढ़ जाता है तालाब का पानी

    Vijaygarh Durga | अब तक हमने आपको कई किलो के बारे में बताया जिनकी कहानी काफी रहस्यमयी और रोमांचक रही। आशा करते हैं आपको ये जरूर पसंद आई होगी। इसी बीच हम लेकर आए हैं आपके लिए एक ऐसे अनोखे किले की जानकारी जो अपने आप में बहुत ही खास है। यह किला पर्यटकों को हमेशा ही लुभाता रहा है, साथ ही इसमें कई गहरे राज भी छुपे हुए हैं। यही नहीं दोस्तों कहा जाता है कि इसमें खजाना भी छुपा हुआ है और इसी खजाने के लालच में कई लोगों ने इस किले तक को भी खुदवा दिया था। तो चलिए जानते हैं इस किले के बारे में…

     

    दरअसल, हम बात कर रहे हैं सोनभद्र जनपद का विजयगढ़ दुर्ग किले के बारे में। यह किला जितना खूबसूरत है उतना ही अपने में कई राज समेटे हुआ है। आप इस किले की तस्वीर देखेंगे तो आप समझ पाएंगे कि उस दौर में इस किले का वैभव कैसा रहा होगा? दुर्ग की एक-एक दीवार ऐसा लगता है जिसे मानो आपसे बातें कर रही हो और इसकी यही खूबसूरती निहारने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।

     

    चंद्रकांता धारावाहिक से ख्याति प्राप्त कर चुके इस दुर्ग के अंदर से गुफा के जरिए नौगढ़ और चुनारगढ़ किले के लिए रास्ता बना है। हैरानी वाली बात ये है कि यह रास्ता तिलस्म से ही खुलता है। कहते हैं ये वही गुफाएं है जिसमें दुर्ग का खजाना भी छुपा हुआ है। दुर्ग के ऊपर बने छोटे-बड़े 7 तालाब हैं। इनमें रामसरोवर तालाब और सीता तालाब में कभी पानी नहीं सूखता, और यह एक रहस्यमयी कहानी है।

     

    इस किले को देखने में आपको जितना खूबसूरत महसूस होगा उतना ही यह आस्था से भरा हुआ भी लगेगा। इसके साथ ही आप इसे देखने के दौरान रहस्य और रोमांच से भी भरा हुआ महसूस करेंगे, क्योंकि जैसे आप इस किले को देखते जाएंगे वैसे-वैसे आपके मन में कई तरह के सवाल उठने लगेंगे। दोस्तों, विजयगढ़ दुर्ग किला हजारों साल पुराना बताया जाता है।

     

    इस दुर्ग का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है। कहते हैं कभी विजय गिरी के नाम से पहचान रखने वाले इस किले पर ऋषियों द्वारा तपस्या की जाती थी। यही नहीं दोस्तों मानता है कि चंद्रगुप्त मौर्य को जब मगध पर आक्रमण करना था तो उन्होंने अपनी सेवा को इसी किले पर ठहराया था। यहां पर उन्होंने अपनी सेवा के साथ विश्राम किया और फिर वे आक्रमण के लिए निकल गए।

     

    इस किले ने लोगों का ध्यान उस दौरान सबसे ज्यादा खींचा जब दूरदर्शन पर देवनदी खत्री द्वारा लिखे गए उपन्यास ‘चंद्रकांता’ संतति आधारित सीरियल चला। इस दौरान इस किले की लोकप्रियता रातों-रात बढ़ गई थी, हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं है कि यह मिला पहले से भी काफी मशहूर था। इसके बाद जब दोबारा इसमें चंद्रकांत का नाम का धारावाहिक बना तब भी यह काफी चर्चा में रहा।

     

    बता दे इस किले में सुरक्षा के लिए करीब 6 फीट चौड़ी दीवार बनी बनाई गई है। कहा जाता है कि यह वही दीवार है जिस पर क्रूर सिंह का घोड़ा दौड़ाया जाता था। इस किले में मौजूद एक तालाब भी है जो कितनी ही भीषण गर्मी आ जाए लेकिन यह तालाब सूखता नहीं है।

     

    इसकी गहराई देखकर आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि गुजरें दिनों यहां के क्या ही नजारे होंगे। ऐसी मान्यता है कि यह तालाब वरुण देव का वरदान है। इस तालाब का पानी पूर्णिमा के दिन थोड़ा ही सही पर बढ़ता जरूर है और यही चमत्कार देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।

     

    वहीं इसमें गुप्त रास्ता भी दिखाई देता है जो लोगों को आकर्षित करता है। यही नहीं दोस्तों विजयगढ़ दुर्ग के इस किले में विजयगढ़ स्टेट की राजकुमारी चंद्रकांता और नौगढ़ के राजकुमार वीरेंद्र सिंह की अमर प्रेम कहानी भी शुरू हुई थी।

  • Chandrashekhar ने साधा सरकार पर निशाना, युवा बेरोजगार है, ऐसी सरकार है

    Chandrashekhar ने साधा सरकार पर निशाना, युवा बेरोजगार है, ऐसी सरकार है

    Finance Bill पर चर्चा में Chandrashekhar ने साधा सरकार पर निशाना, युवा बेरोजगार है, पढ़ा लिखा बेकार है, मिलती नहीं रोजगार है, ऐसी हमारी सरकार है.

  • राकेश टिकैत का असदुद्दीन ओवैसी पर हमला, ओवैसी बगैर नाथ वाला बेलगाम सांड है, इसको बांध कर रखो

    राकेश टिकैत का असदुद्दीन ओवैसी पर हमला, ओवैसी बगैर नाथ वाला बेलगाम सांड है, इसको बांध कर रखो

    किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) पर बोला हमला, कहा ओवैसी बगैर नाथ वाला बेलगाम सांड है, जो भाजपा की मदद करते घूमता है। उन्होंने आगे कहा – इसको हैदराबाद में ही बांध कर रखो, बाहर जाएगा तो भाजपा को मदद करेगा. ओवैसी भाजपा का परमानेंट चचा जान है.

  • 12 लाख तक छुट, लेकिन 12 लाख कितने लोग कम रहे : Iqra Hasan

    12 लाख तक छुट, लेकिन 12 लाख कितने लोग कम रहे : Iqra Hasan

    संसद में बजट पर बोलते हुए सपा संसद इकरा हसन (Iqra Hasan) ने कहा – बजट हेडलाइंस बटोरने के लिए नहीं है. बजट गरीबों को सहारा नहीं दे रही है. किसान बढती कीमतों से, नवजवान बेरोजगारी से और गरीब महंगाई से परेशान है. ये सरकार इनकम टैक्स पर बारह लाख के छुट की मार्केटिंग कर रही है, लेकिन कितने लोग देश में बारह लाख कम रहे है?

  • दुनिया में सनातन धर्म तलवार के बल पर आगे नहीं बढ़ा बल्कि अपने सद्भाव से पहुंची है: Yogi Adityanath

    दुनिया में सनातन धर्म तलवार के बल पर आगे नहीं बढ़ा बल्कि अपने सद्भाव से पहुंची है: Yogi Adityanath

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath प्रयागराज पहुंचे. जहाँ सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ-योगी महासभा द्वारा प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के अलावा, श्री कल्याण सेवा आश्रम के श्री कल्याणदास महाराज और श्रृंगेरी शंकराचार्य भारती तीर्थ जी महाराज से मुलाकात की। सीएम योगी ने उन्हें फल और चादर भेंट किया और उनका हालचाल लिया। अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ-योगी महासभा द्वारा प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी, कहा- दुनिया में सनातन धर्म तलवार के बल पर आगे नहीं बढ़ा बल्कि अपने सद्भाव के उद्देश्य के माध्यम से पहुंची है.

     

    सीएम योगी ने कहा कि इस महाकुंभ के आयोजन के साथ हमे साक्षी बनने का अवसर भी प्राप्त हुआ है। सभी संतों के सानिध्य में मैं जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज से मंच पर यही बात कर रहा था, कि जब पौष पूर्णिमा के दिन और मकर संक्रांति के दिन कोटि-कोटि श्रद्धालुओं को मां गंगा, यमुना और सरस्वती की पावन त्रिवेणी के संगम में डुबकी लगाकर के अभिभूत हो रहे थे और वो जो पॉजिटिव कमेंट कर रहे थे उसने पूरी दुनिया की आंखों को खोलने का काम किया है।

     

    सीएम योगी ने कहा कि कुंभ क्या होता है? कुंभ का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व क्या है? इसका जवाब श्रद्धालुओं के वक्तव्य दे रहे हैं। ये बात बताती है, जिसके बारे में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार कहते हैं, की यह सदी भारत की सदी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सदी का मतलब हर एक क्षेत्र में भारत को विकास की उन बुलंदियों को छूना है। हर एक क्षेत्र में कोई देश ऊंचाई छुएगा तब, जब उस क्षेत्र से जुड़े हुए प्रतिनिधि अपने दायित्व का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करेंगे। जो राजनितिक क्षेत्र में है वो राजनितिक क्षेत्र में अपना कार्य कर रहे हैं। सेना सीमा पर देश की रक्षा का काम कर रही है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में हर एक तबका अपना-अपना कार्य कर रहा है। धार्मिक जगत से जुड़ हुए हमारे पूज्य संतों का भी दायित्व यही बनता है और यही वो कर रहे हैं।

     

    सीएम योगी ने कहा कि भारत की सनातन धर्म की संस्कृति दुनिया के अंदर तलवार के बल पर नहीं, बल्कि अपने सद्भाव के उद्देश्य के माध्यम से पहुंची है। दक्षिण पूर्व एशिया के तमाम देशों में आप जायेंगे जहां भी सनातन धर्म पंहुचा है, भारत की सनातन संस्कृति पहुंची है, वहां पर उन्होंने अपने कार्य और व्यवहार से, वहां पर भारत के मूल्यों और आदर्शों ने वहां से समुदाय को अपनी ओर आकर्षित किया है। सनातन धर्म के मूल्यों के साथ उन्हें जोड़ने का काम किया है। आज भी आप दुनिया के अंदर देख सकते हैं। दुनिया में तमाम ऐसे देश हैं जो हिन्दू नहीं होने का बावजूद भी राम, कृष्ण, बुद्ध की परंपरा को स्वीकार किया है। वो गौरव के साथ अपने आप को इससे जुड़ने में गौरवन्वित महसूस करते हैं।