Category: अपराध

  • Surya Chauhan Case | पुलिस ने सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में मार गिराया

    Surya Chauhan Case | पुलिस ने सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में मार गिराया

    Surya Chauhan Case | इंदिरापुरम के अभय खंड में पुलिस ने सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में मार गिराया है। गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में, बकरीद के दिन एक हिन्दू सूर्या चौहान की हत्या कर दी गयी थी। हत्या के बाद से ही मुख्य आरोपी असद फरार चल रहा था।

     

    गाजियाबाद पुलिस को बीती देर रात एक पुख्ता सूचना मिली थी। जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने किसी दोस्त से पैसे लेने के लिए खोड़ा इलाके में आने वाला था। पैसे लेने के बाद, उसका प्लान शहर छोड़कर भागने का था।

     

    सूचना मिलते ही खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस ने असद को दबोचने के लिए संयुक्त अभियान चलाया और इलाके में घेराबंदी कर दी। कुछ ही समय बाद असद एक दूसके व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां पहुंचा, तो पुलिस उसे चारो तरफ से घेर लिया।

     

    जिसके बाद असद ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक कांस्टेबल घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद को गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी असद को पकड़ लिया। लेकिन, मुठभेड़ के दौरान लगी गोली के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान, असद की मौत हो गई है।

  • नाबालिग बच्ची से रेप करने वाले 65 साल के मोहम्मद उस्मान के पक्ष में हाई कोर्ट का फैसला, घर पर बुलडोजर एक्शन पर लगाई रोक

    नाबालिग बच्ची से रेप करने वाले 65 साल के मोहम्मद उस्मान के पक्ष में हाई कोर्ट का फैसला, घर पर बुलडोजर एक्शन पर लगाई रोक

    नैनीताल में नाबालिग बच्ची से रेप करने वाले 65 साल के मोहम्मद उस्मान के पक्ष में आया हाई कोर्ट का फैसला, घर पर बुलडोजर एक्शन पर लगाई रोक! 10 साल की बच्ची से रेप करने वाले 65 साल के मोहम्मद उस्मान के खिलाफ उबल रहा है पूरा नैनीताल शहर! आरोपी मोहम्मद उस्मान फिलहाल जेल में है।

     

    नैनीताल में नाबालिग से रेप के आरोपित मोहम्मद उस्मान को हाई कोर्ट से राहत मिली है। हालाँकि नगर पालिका ने भी माना कि नोटिस जारी करने में सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन नहीं किया गया। उस्मान को सिर्फ 3 दिन का समय दिया गया था, जबकि सुप्रीम कोर्ट के द्वार बनाए गए नए नियम के अनुसार 15 दिन का नोटिस देना जरूरी है। नगर पालिका ने उस्मान को अतिक्रमण हटाने का जो नोटिस दिया था, उसे वापस लेगी।

     

    उस्मान के वकील ने हाई कोर्ट में इस नोटिस को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की विशेष पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई में हाई कोर्ट ने रेप के आरोपी उस्मान की गिरफ्तारी के बाद नैनीताल में हुए विरोध प्रदर्शन पर भी नाराजगी जताई और पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने ऐसे मामलों में सख्ती बरतने की सलाह दी है।

     

    इसा फैसले से कई सवाल भी उठ रहे हैं, क्या अब आम जनता को प्रदर्शन का भी अधिकार नहीं? प्रदर्शन करने, आगजनी करने और हिंसा करने का भी अधिकार क्या अब सिर्फ विशेष लोगों का ही होगा? और हर अपराधी, आतंकी और बलात्कारी के समर्थन में हमारी व्यवस्थाएं क्यों खड़ी हो जाती है? सवाल वाजिब है, चुभने वाली है, लेकिन सवाल का जवाब व्यवस्था से नहीं मिलने वाला है. जनता खुद जवाब ढूंढे!